Yogi government Monsoon मानसून बना योगी सरकार के लिए मुसीबत!

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकार के सौ दिन पूरे होने का जश्न मना रही योगी आदित्यनाथ की सरकार के लिए “मानसून” मुसीबत बन रहा है। बीते 29 जून को सोनभद्र के रास्ते दाखिल हुए मानसून से अब तक राज्य में सामान्य वर्षा के मुकाबले महज 36.08 प्रतिशत बारिश हुई है। राज्य के 75 जिलों में से 51 जिलों अब तक छिटपुट यानी सामान्य से 40 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है। इस वजह से इस बार इन 51 जिलों में खरीफ की फसलों की बोआई और धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। और अब तो इन 51 जिलों में कम बारिश होने के चलते सूखे का खतरा मंडरा रहा है।

स्थिति को गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने आला अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में मौजूद कृषि और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पूर्वांचल के कौशांबी जिले में पिछले डेढ़ माह में महज 3.20 मिमी बारिश हुई है, जबकि औसतन इतनी बारिश यहां रोजाना होनी चाहिए थी। प्रदेश में 19 जिले ऐसे हैं जहां 1 जून से 15 जुलाई के बीच 20% बारिश भी नहीं हुई है। राज्य के 51 जिलों में 40 प्रतिशत से कम बारिश होने के कारण सूखे का खतरा मंडरा रहा है। यहीं नहीं कम बारिश होने की वजह से जलाशयों में भी पानी घट गया है। राज्य के 71 जलाशयों में उनकी क्षमता का केवल 22 प्रतिशत ही पानी है। इन आंकड़ों के आधार पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कम बारिश से उत्पन्न होने वाले संकट से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने भी माना है कि बोआई में देरी उपज को प्रभावित करेंगी। इसलिए सरकार को वैकल्पिक प्रबंध के लिए तैयार रहना होगा। कृषि, सिंचाई, राहत, राजस्व आदि संबंधित विभाग अलर्ट मोड में रहें, ताकि किसानों की मदद की जा सके। उन्होंने विभागों को अलर्ट रहने का निर्देश देते हुए यह भी कहा है कि कहीं भी पेयजल आदि का अभाव न होने पाए।

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में बारिश न होने से खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हुई है। 13 जुलाई तक 96.03 लाख हेक्टेअर के लक्ष्य के सापेक्ष 42.41 लाख हेक्टेअर की बोआई ही हो सकी है, जो लक्ष्य का मात्र 44.16% है। इसमें 45% हिस्सा अकेले धान की बोआई का है। पिछले साल इसी तारीख तक 53.46 लाख हेक्टेअर भूमि पर बोआई हो चुकी थी। अधिकारियों का कहना है की धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, अरहर और मूंगफली की बुआई कम बारिश होने के कारण प्रभावित हो रही है। ऐसे में अब किसान चाहते है कि सरकार इनके जिले को सूखा प्रभावित घोषित करें ताकि उन्हें मुआवजा मिल सके। किसानों की इस मांग का विपक्ष दलों ने भी समर्थन किया है। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा है कि प्रदेश के कई जिलों में सूखे के कम बारिश के कारण 50 प्रतिशत किसान धान की रोपाई किसान नहीं कर पाए हैं। प्रदेश सरकार किसानों को 5 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सरकार को तत्काल अंतरिम राहत दे। साथ ही फसलों में हुए नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा देने की भी घोषणा करें।जबकि सपा मुखिया अखिलेश यादव कहा की भाजपा सरकार का जनता के साथ रूखा व्यवहार करने के चलते ही राज्य सूखे की चपेट में आ गया है। बारिश न होने से खरीफ की बोआई रुकी हुई है। किसानों की चिंता करने के बनाये योगी सरकार अमृत महोत्सव जैसे टोटके कर रही है। अखिलेश ने किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग योगी सरकार से की है।

यूपी में अब तक हुई बारिश
– 01 जिले में 120% से अधिक बारिश
– 04 जिलों में 180 से 120% से तक बारिश
– 19 जिलों में सामान्य से 40-60% तक कम बारिश
– 51 जिलों में 40% से भी कम बारिश