अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने दिया साझा बयान

 

विश्व भर में अभी भी कोरोना की उत्पत्ति एक बड़ा सवाल है. कोरोना की उत्पत्ति को लेकर चीन और वुहान लैब हमेशा से ही सवालों के घेरे और शक के दायरे में रहे हैं. अब इस संबंध में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और ब्रिटिश प्राइम मिनिस्टर बोरिस जॉनसन का एक संयुक्त बयान सामने है. दोनों ने संयुक्त बयान में कहा है कि हम कोरोना की उत्पत्ति के पीछे का रहस्य जानने को उत्सुक हैं. उन्होंने कहा है कि चीन में चल रहे WHO के अध्ययन के अगले चरण का हम समर्थन करते हैं. उम्मीद करते हैं कि कोरोना की उत्पत्ति को लेकर चल रही जांच में समय बद्धता, पारदर्शिता और साक्ष्य आधारित प्रमाण सामने आएंगे.

दुनियाभर में उठ रही है जांच की मांग

विश्व के मानचित्र में दो स्थापित देशों के मुखियाओं का बयान उस समय सामने आया है जब विश्व भर में कोरोना की उत्पत्ति के रहस्य को सुलझाने की मांग की जा रही है. बता दें आज से करीब 1.5 साल पहले चीन के बुहान में दुनिया का पहला कोरोना का के सामने आया था. इतना समय बीत जाने के बाद भी विश्व के लोगों के लिए कोरोना की उत्पत्ति एक रहस्य बनी हुई है. दुनिया भर के लोग यह जानना चाहते हैं कि अखिर यह महामारी आई कहां से.

चीन पर रहा है संदेह, सरकार करती रही है इनकार

समय-समय पर ऐसी खबरें आती रही है कि इस महामारी के पीछे कहीं न कहीं चीन का वह लैब ही जिम्मेवार है. कई रिपोर्ट्स में अब तक यह दावे किए जा चुके हैं क्या चीन ने जानबूझकर यह बीमारी इजाद की है. हालांकि अब तक इस बात के कोई पुख्ता बयान नहीं मिलेगा मिले हैं. चीन की सरकार भी इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है. ऐसे में इन दो देशों के मुखिया के बयान के बाद डब्ल्यूएचओ पर एक बार फिर से दबाव बढ़ने वाला है.

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