श्रीलंका ने पाम ऑयल के आयात पर लगाई रोक

 

 श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने तत्काल रूप से पाम ऑयल के आयात पर रोक लगा दी है साथ ही उन्होंने स्थानीय स्तर पर पौधरोपण करने का आदेश दिया है ताकि घरेलू नारियल तेल के उद्योग को लाभ हो सके।

राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि पाम की खेती को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सीमा शुल्क के महानिदेशक को भी इस निर्णय के बारे में सूचना दे दी गई है। साथ ही उन्हें सलाह दी गई है कि पाम ऑयल के मालवाहक जहाज को खाली कर दिया जाए। आयात-निर्यात विभाग के कंट्रोलर जनरल को यह आदेश प्रभावी करने के लिए संबंधित राजपत्र आदेश जारी करने की सलाह दी गई है। दरअसल छह महीने पहले राष्ट्रपति ने देश में धीरे-धीरे पाम की खेती पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। श्रीलंका हर साल मलेशिया से लगभग 2 लाख टन पाम ऑयल का आयात करता है।

उपभोक्ता संरक्षण सोसाइटी ने इस पहल का स्वागत किया है। सोसाइटी के सदस्य रंजीत विथानगे ने कहा है कि इस निर्णय से स्थानीय नारिय़ल तेल उद्य़ोग को लाभ होगा। श्रीलंका एक्सपोर्ट डेवेलेपमेंट बोर्ड के अनुसार उनका देश दुनिया में नारियल उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक है। श्रीलंका की ओर से लगाए गए प्रतिबंध पर मलेशिया ने कहा कि इस कदम से देश के प्रमुख कमोडिटी उद्योग पर असर नहीं पड़ेगा।

मलेशिया के पौधरोपण उद्योग मंत्री डॉ. मोहम्मद खैरुद्दीन अमान रजाली ने कहा कि वियतनाम और फिलीपींस में भी पाम ऑयल की मांग बढ़ गई है। मोहम्मद खैरूद्दीन ने कहा कि श्रीलंका की ओर से लगाया गया प्रतिबंध मलेशिया के साथ भेदभाव करने के बराबर है।

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