कोरोना से जंग के लिए भारत को तुरंत भेजें एस्ट्राजेनेका वैक्सीन : अमेरिकी सांसद

 

अमेरिका सहित दुनिया के कई देश इस मुश्किल वक्त में भारत की मदद कर रहे हैं. दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले पांच दिनों में 25 उड़ानें 300 टन कोविड-19 राहत सामग्री लेकर पहुंची हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कोरोना से जंग में वह भारत के साथ हैं.

इस बीच, अमेरिका के एक प्रभावशाली सांसद ने सरकार से अनुरोध किया है कि एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन तत्काल भारत भेजी जानी चाहिए. सांसद टॉम मालिनोव्स्की ने ऑक्सीजन, भंडारण उपकरण, वेंटिलेटर और वैक्सीन भारत को भेजने के लिए रक्षा विभाग सहित अमेरिका के हरसंभव संसाधनों को सक्रिय करने की भी सरकार से अपील की है.

सांसद ने कहा कि अमेरिका में उपलब्ध एस्ट्राजेनेका के ऐसे टीके भारत सहित सभी जरूरतमंद देशों को भेजे जाने चाहिए, जिनका इस्तेमाल यूएस नहीं कर रहा है. मैंने सरकार से अपील की है कि इस संबंध में जल्द से जल्द फैसला लिया जाए.

बता दें कि भारत कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहा है और यहां बीते कुछ दिनों से रोजाना तीन लाख से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं. अस्पतालों में चिकित्सीय ऑक्सीजन के साथ-साथ बिस्तरों की भी काफी कमी है.

वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि वैश्विक गठबंधन कोवैक्स को भारत में वैक्सीन की बढ़ती मांग के कारण बाधित हुई आपूर्ति को पूरा करने के लिए तत्काल बड़ी संख्या में टीकों की जरूरत है.

WHO द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत में टीके की बढ़ती मांग के कारण टीके की आपूर्ति में आए अवरोध को दूर करने के लिए कोवैक्स को तत्काल दो करोड़ खुराक की जरूरत है, ताकि दुनियाभर को समान आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.

गौरतलब है कि भारत एस्ट्राजेनेका टीके का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.कोरोना से जंग में दुनियाभर से भारत के लिए मदद पहुंच रही है. 28 अप्रैल से दो मई के बीच, पांच दिनों में करीब 25 उड़ानें दिल्ली हवाई अड्डे पहुंची जिनमें करीब 300 टन सामान था.

ये उड़ानें अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान, थाइलैंड, जर्मनी, कतर, हांगकांग और चीन आदि जैसे विभिन्न देशों से आई थीं. इनसे 5500 ऑक्सीजन सांद्रक, 3200 ऑक्सीजन सिलेंडर, 9,28,000 से अधिक मास्क, 1,36,000 रेमडेसिविर इंजेक्शन भारत पहुंचे हैं.

From around the web

>