अंतरराष्ट्रीय एयर शो में सारंग की एरोबेटिक टीम ने दिखाया हवाई जलवा

 

रूस के जुकोवस्की हवाई अड्डा पर मंगलवार से शुरू हुए 15वें अंतरिक्ष सैलून माक्स-2021 अंतरराष्ट्रीय एयर शो में पहली बार हिस्सा ले रही भारतीय वायुसेना की सारंग की एरोबेटिक टीम ने एरोबेटिक्स प्रदर्शन किया। आसमानी करतब दिखाने के लिए एयरो-कार्निवल को बड़ी धूमधाम और भव्यता के साथ झंडी दिखाकर रवाना किया गया। भारत के जांबाजों ने हवाई जलवा दिखाकर रूसियों को हैरत में डाल दिया। यह द्विवार्षिक एयर शो 25 जुलाई तक चलेगा। समारोह में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी भारतीय वायुसेना की एरोबेटिक टीमों का प्रदर्शन देखा।

यह पहला अवसर है जब एयर शो के दौरान सारंग टीम में शामिल स्वदेश निर्मित चार ध्रुव एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर अपने करतब दिखा रहे हैं। एचएएल निर्मित यह हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक एवियोनिक्स से सुसज्जित हैं जो उन्हें सैन्य उड्डयन के लिए बेहद अनुकूल बनाते हैं। इन हेलीकॉप्टरों को भारतीय वायुसेना के अलावा भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक भी ऑपरेट करते हैं। सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम ने तैयारी के रूप में रूस के रामेंस्कोय हवाई क्षेत्र में 13 जुलाई से अपना प्रदर्शन शुरू किया था। आखिरकार तैयारियां पूरी करने के बाद सारंग टीम ने 20 जुलाई से शुरू हुए एयर शो में हैरतअंगेज हवाई कारनामे दिखाए जिसका रूसियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सारंग हेलीकॉप्टर बेंगलुरु के येलहंका हवाई अड्डे से भारतीय वायु सेना के रणनीतिक परिवहन विमान सी-17 में लोड करके रूस ले जाए गए हैं।

सारंग टीम का निर्माण 2003 में बेंगलुरू में हुआ था। इसका पहला अंतरराष्ट्रीय डिसप्ले 2004 में सिंगापुर में एशियन एयरोस्पेस एयर शो में हुआ था। उसके बाद से सारंग ने अभी तक संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, ब्रिटेन, बहरीन, मॉरीशस तथा श्रीलंका में एयर शो तथा कई अन्य औपचारिक अवसरों पर हैरतअंगेज हवाई कारनामे दिखाए हैं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्थानों पर एयरोबेटिक्स डिसप्ले के अतिरिक्त इस टीम ने उत्तराखंड में ऑपरेशन राहत (2013), केरल में ओखी तूफान (2017) तथा केरल में ऑपरेशन करुणा बाढ़ राहत (2018) जैसे अनगिनत मानवीय सहायता और आपदा राहत मिशनों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है।

माक्स-2021 कोरोना वायरस महामारी के बाद दूसरा प्रमुख इन-पर्सन ट्रेड एयर शो है। इस द्वि-वार्षिक अंतरराष्ट्रीय एयर शो का पिछला संस्करण 2019 में आयोजित किया गया था। दुनिया के सबसे बड़े विमानन मंचों में से इसे मेगा इवेंट के रूप में आंका गया है। साथ ही यह वैश्विक विमानन फर्मों को एयरोस्पेस डोमेन से अत्याधुनिक तकनीकों, प्लेटफार्मों और प्रणालियों का प्रदर्शन करने के लिए एक भव्य मंच प्रदान करेगा। यूरोपीय बहुराष्ट्रीय एयरोस्पेस कंपनी एयरबस अपने ए-350-1000 को पहली बार इस आयोजन में ला रही है। एयर शो में हाई प्रोफाइल रूसी विमान जैसे इर्कुट एमसी-21-310, घरेलू एवियाडविगेटल पीडी-14, इल्यूशिन आईएल-114-300 टर्बोप्रॉप और आईएल-112 वी उच्च- विंग लाइट मिलिट्री ट्रांसपोर्ट हिस्सा लेगा।

अंतरराष्ट्रीय एयर शो अंतरिक्ष सैलून माक्स-2021 के उद्घाटन समारोह में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी भाग लिया। उन्होंने उप प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव और रोस्टेक स्टेट कॉरपोरेशन के प्रमुख सर्गेई चेमेज़ोव के साथ एयर शो देखा। राष्ट्रपति ने सैलून की प्रदर्शनी का दौरा किया जिसमें रूसी विमान, उपकरण और घटकों के उन्नत मॉडल शामिल हैं। उन्हें एक नया सुखोई सिंगल-इंजन लाइट टैक्टिकल फाइटर दिखाया गया। सैलून में रहते हुए व्लादिमीर पुतिन ने कुछ प्रदर्शन उड़ानें भी देखीं, जिनमें भारतीय वायुसेना की एरोबेटिक टीमों का प्रदर्शन भी शामिल था। इस वर्ष के आयोजन में 50 से अधिक देशों की लगभग 290 विदेशी कंपनियां भाग ले रही हैं। एयर शो में रूस के पांचवीं पीढ़ी के नए सुखोई लड़ाकू विमान का अनावरण करने की संभावना है। रूस का एयरोस्पेस उद्योग इस आयोजन में आकर्षण का केंद्र रहेगा।

एयर शो में रूसी सुखोई-35 और सुखोई-57ई का उड़ान प्रदर्शन मुख्य आकर्षण होने की उम्मीद है। भले ही मॉस्को में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर चिंताएं हैं, लेकिन माक्स-2021 के जरिये रूस अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को अपनी एयरोस्पेस क्षमताएं दिखाने की कोशिश करेगा। अंतरराष्ट्रीय यात्रा में प्रतिबंधों के कारण कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की संख्या कम होगी लेकिन इसमें रूसियों के शामिल होने की उम्मीद है क्योंकि उनकी सैन्य और एयर शो के बारे में तकनीकी समझ ज्यादा विकसित है।

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