जॉर्जीवा को प्रमुख के पद से नहीं हटाएगा आईएमएफ का कार्यकारी मंडल

 

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने विश्व बैंक के कर्मचारियों पर चीन की व्यापार रैंकिंग बदलने के लिए दबाव डालने के आरोपों को लेकर मंगलवार को अपने प्रबंध निदेशक क्रिस्टलिना जॉर्जीवा पर ‘पूरा विश्वास’ जताया। आईएमएफ के 24 सदस्यीय कार्यकारी मंडल ने एक बयान में कहा कि उसकी समीक्षा में “निर्णायक रूप से यह पता नहीं चला कि प्रबंध निदेशक क्रिस्टलिना जॉर्जीवा ने विश्व बैंक के एक शीर्ष अधिकारी के रूप में अपनी पूर्व भूमिका में कोई गलत कार्रवाई की।

बयान के मुताबिक पेश किए गए सभी सबूतों को देखने के बाद, कार्यकारी मंडल ने प्रबंध निदेशक के नेतृत्व में और अपने कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से जारी रखने की उनकी क्षमता में अपने पूर्ण विश्वास की पुष्टि की। हालांकि, इसमें कहा गया कि विश्व बैंक के कर्मचारियों द्वारा संभावित कदाचार की जांच की जा रही है।

जॉर्जीवा ने उन आरोपों से इनकार किया है जिनके अनुसार उन्होंने चीन और अन्य देशों की व्यापार में सुगमता से जुड़ी रैंकिंग प्रभावित करने वाले डेटा में बदलाव करने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाने में भूमिका निभायी थी। इससे पहले आईएमएफ को विश्व बैंक की ‘डूइंग बिजनेस रिपोर्ट’ में चीन की रैंकिंग से जुड़ी गड़बड़ी की जांच करने वाली कानूनी सेवा प्रदाता कंपनी विल्मरहेल के वकीलों ने इस संबंध में जानकारी दी थी।

जांच में पाया गया था कि आईएमएफ की मौजूदा प्रबंध निदेशक क्रिस्टलिना जॉर्जीवा और अन्य अधिकारियों ने विश्व बैंक के कर्मचारियों पर चीन एवं दूसरे देशों की व्यापार रैंकिंग को प्रभावित करने वाले डेटा को बदलने के लिए दबाव डाला। डूइंग बिजनेस रिपोर्ट (व्यापार करने में आसानी से जुड़़ी रिपोर्ट) में देशों के कर बोझ, नौकरशाही संबंधी बाधाओं, नियामक प्रणाली और अन्य व्यावसायिक स्थितियों का मूल्यांकन करने के बाद उन्हें रैंकिंग दी जाती थी और इस रैंकिंग का इस्तेमाल कुछ देश अपने यहां निवेश को आकर्षित करने के लिए करते रहे हैं। जांच की वजह से विश्व बैंक ने सालाना डूइंग बिजनेस रिपोर्ट का प्रकाशन बंद कर दिया। घटना के बाद जॉर्जीवी से इस्तीफे की मांग की जा रही है।

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