जी-20 समूह ने की अफगानिस्तान तक मानवीय सहायता पहुंचाने की मांग

 

यूरोपीय संघ ने अफगानिस्तान के लोगों की मदद के लिए एक अरब यूरो की मदद देने का वादा किया और जी-20 देशों के समूह ने मंगलवार को इस चिंता के बीच अफगानिस्तान में सहायता में तेजी लाने का संकल्प लिया कि पहले से ही खराब मानवीय और आर्थिक हालात सर्दियों तक भयावह स्थिति में पहुंच जाएंगे।

जी-20 नेताओं ने इटली की मेजबानी में ऑनलाइन आयोजित शिखर सम्मेलन में तालिबान सरकार को पूरे अफगानिस्तान में मानवीय सहायता पहुंच की अनुमति देने, काबुल हवाई अड्डे और देश की सीमाओं को खुला रखने और संयुक्त राष्ट्र, मानवीय और राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने एक बार फिर महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

इटली के प्रधानमंत्री मारियो द्राघी ने कहा का यह बैठक अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और तालिबान के सत्ता में आने के बाद पैदा संकट पर पहली बहुपक्षीय प्रतिक्रिया को दर्शाती है। जी-20 नेताओं-रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी नेता शी चिनफिंग का प्रतिनिधित्व मंत्रियों ने किया जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने खुद इस शिखर सम्मेलन को संबोधित किया।

वहीं यूरोपीय संघ तालिबान की अंतरिम सरकार को वैधता नहीं प्रदान करने के संबंध में सर्तक नजर आया। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सूला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि अफगानिस्तान के लोगों को तालिबान के कार्यों की कीमत नहीं चुकानी चाहिए।

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