नेपाल में ‘गॉड ऑफ साइट’ के नाम से चर्चित डॉ. रुट अपने कार्य का करेंगे विस्तार

 

नेपाल में ‘गॉड ऑफ साइट’ के नाम से चर्चित आंखों के डॉक्टर सैंडुक रुट अपने कार्य का विस्तार करेंगे। डॉ. रुट को मोतियाबिंद का इलाज करने वाला जादूगर कहा जाता है। डॉ. रुट एक सर्जरी के लिए 100 डॉलर (करीब 7400 रुपये) लेते हैं, जबकि गरीबों का इलाज निःशुल्क करते हैं। इसके लिए वह कई बार पुरस्कृत किए जा चुके हैं। 

डॉ. रुट ने लुंबिनी में एक विजिटर सेंटर को अस्थाई अस्पताल में परिवर्तित किया है, जहां पर रोजाना वह करीब 400 लोगों की सर्जरी करते हैं। रोज सैकड़ों लोग इलाज कराने के लिए यहां आते हैं। डॉ. रुट ने बताया कि उनका उद्देश्य है कि दुनिया के इस हिस्से में किसी भी व्य़क्ति में मोतियाबिंद की बीमारी न हो। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि लोगों को मेरी सेवाएं समान रूप से मिलें और सभी इसका लाभ ले सकें।

नेपाल के कई लोग विशेषकर गरीबों को डॉ. रुट के कार्य का लाभ मिला है। काठमांडू में उन्होंने तिलगंगा इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थेमोलॉजी की स्थापना की है। वह रोज गांव और पहाड़ी इलाकों में जाकर गरीबों का इलाज करते हैं। उनके साथ विशेषज्ञों की टीम भी होती है, जिनके सहयोग से वह गरीब लोगों की सर्जरी करते हैं। डॉ. रुट अब तक 1,30,000 मरीजों की आंखों की सर्जरी कर चुके हैं और अब अपने कार्य का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने ब्रिटेन के समाजसेवी तेज कोहली के सहयोग से अगले पांच वर्षों में पांच लाख लोगों की सर्जरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए उन्होंने तेज कोहली-रुट फाउंडेशन की स्थापना भी की है। डॉ. रुट के मुताबिक तेज कोहली-रुट फाउंडेशन को स्थापित करने का उद्देश्य नेपाल में मोतियाबिंद सर्जरी सस्ती और सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि वह विश्व के अन्य भागों में भी इसे विकसित करेंगे।

उल्लेखनीय है कि डॉ. रुट ने अपने काम की शुरुआत 1984 में की थी। डॉ. रुट एक सर्जरी की कीमत 100 डॉलर लेते हैं और गरीबों का इलाज निःशुल्क करते हैं।

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