भारत में कोरोना से चिताएं जल रही हैं और चीन विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहा : चीनी कम्युनिस्ट पार्टी

 

कोरोना महामारी के दौर में भी चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. एक तरफ वह भारत की मदद की पेशकश कर रहा है, तो दूसरी तरफ उसका मजाक उड़ा रहा है. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की एक ताकतवर विंग ने हाल में सोशल मीडिया भारत का मजाक उड़ाने वाली पोस्ट शेयर की.

इस पोस्ट के जरिए बीजिंग ने बताया कि भारत में कोरोना से चिताएं जल रही हैं और चीन विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहा है.रिपोर्ट के अनुसार, CPC की कमीशन फॉर पॉलिटिकल एंड लीगल अफेयर्स विंग ने चीन के ट्विटर कहे जाने वाले वीबो पर दो तस्वीरें शेयर की थीं.

जिसमें एक में चीन को रॉकेट लॉन्च करते हुए तो दूसरे में कोरोना से भारत में हुईं मौतों के बाद जलती चिता को दिखाया गया. इन तस्वीरों में कैप्शन दिया गया चीन बनाम भारत, जब चीन किसी चीज में आग लगाता है और जब भारत ऐसा करता है.

इस कैप्शन के बहाने चीन ने यह दर्शाने का प्रयास किया कि जब वो किसी चीज में आग लगाता है, तो विकास होता है और जब भारत ऐसा करता है तो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है. बता दें कि CPLA सीपीसी का एक शक्तिशाली अंग है और पुलिस अधिकारियों, अभियोजकों और अदालतों की देखरेख करता है.

मौजूदा वक्त में सीपीसी का नेतृत्व केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य गुओ शेंगकुन कर रहे हैं. लंदन स्थित पत्रकार और शोधकर्ता मेंगयू डोंग ने चीन की इस हरकत को दुनिया के सामने रखा है.

उन्होंने ही तस्वीरों का कोलाज ट्वीट करके बताया है कि मदद की बात करना वाला बीजिंग भारत के खिलाफ कैसी सोच रखता है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है किसी ने सोचा कि भारत में कोरोना के प्रकोप का मजाक उड़ाना एक अच्छा विचार है.

सीसीपी सेंट्रल पॉलिटिकल एंड लीगल अफेयर्स कमीशन से संबद्ध एक अकाउंट ने वीबो पर यह पोस्ट की है. कैप्शन में कहा गया कि जब चीन चीजों में आग लगाता है, जब भारत ऐसा करता है.वहीं, बीजिंग पर नजर रखने वाले चीनी डिजिटल टाइम्स का कहना है कि चीनी पुलिस ऑनलाइन और तियांजिन म्यूनिसिपल पीपुल्स प्रोक्यूरेटेट जैसे आधिकारिक अकाउंट्स ने कोरोना महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई का मजाक उड़ाते हुए कई मंचों पर तस्वीर पोस्ट की है.

यहां गौर करने वाली बात यह है कि वीबो पर की गई इस शर्मनाक पोस्ट से एक दिन पहले ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में भारत की स्थिति पर चिंता जताते हुए हर संभव मदद की बात कही थी.

From around the web

>