रूस की जिरकॉन मिसाइल के परीक्षण से अमेरिका सकते में

 

वॉशिंगटन और मॉस्‍को के तनातनी की खबरों के बीच रूस ने एंटी शिप हाइपरसोनिक मिसाइल जिरकॉन का सफल परीक्षण किया है। जिरकॉन एक एंटी शिप मिसाइल है। यह माना जा रहा है कि अगले साल तक इस मिसाइल को सक्रिय कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि अमेरिका के पास अभी भी कोई ऑपरेशनल हाइपरसोनिक मिसाइल नहीं है। रूस के इस मिसाइल परीक्षण पर अमेरिका ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका का कहना है कि इससे शस्‍त्रों की होड़ बढ़ेगी और क्षेत्रीय स्थिरता में खलल होगा।
वर्ष 2018 में रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने कहा था कि यह मिसाइल दुनिया के किसी भी हिस्‍से पर हमला कर सकती है और अमेरिका के बनाए डिफेंस सिस्‍टम को भी चकमा दे सकती है। उस वक्‍त पुतिन ने धमकी दी थी कि अगर अमेरिका ने अपनी मध्‍यम दूरी की मिसाइलों को यूरोप में तैनात किया तो वह अपने युद्धक जहाजों और सबमरीन को जिरकॉन मिसाइल से लैस कर देंगे।
उधर, रूसी विमान निर्माता कंपनियों का कहना है कि वे अगले सप्ताह मॉस्‍को में आयोजित होने वाले एयर शो में एक नया लड़ाकू विमान पेश करेंगे। नए युद्धक विमान को मॉस्‍को के पास जुकोवस्की में एक पार्किंग स्थल पर ले जाते हुए देखा गया था। मास्को में मंगलवार को एमएकेएस-2021 अंतरराष्ट्रीय विमानन एवं अंतरिक्ष सैलून नामक एयर शो की शुरुआत होगी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एयर शो के उद्घाटन पर मौजूद रहेंगे। रूसी मीडिया के मुताबिक नए लड़ाकू विमान का निर्माण हल्के लड़ाकू विमानों के निर्माण की योजना के तहत किया गया है। इस लड़ाकू विमान का निर्माण सुखोई का निर्माण करने वाली कंपनी ने किया है। रूस के नवीनतम लड़ाकू विमान एसयू-57 के विपरीत नए लड़ाकू विमान में केवल एक ही इंजन होगा और वह अपेक्षाकृत छोटा होगा।

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