What Is The Problem In Shamshera: शमशेरा के मेकर्स सिर्फ ये काम न करते तो फिल्म होती सुपरहिट

What Is The Problem In Shamshera: शुक्रवार को रणबीर कपूर और संजय दत्त की फिल्म शमशेरा रिलीज हुई, दो दिन में 150 करोड़ की फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 20-22 करोड़ के आसपास रहा. बहुत से लोगों को शमशेरा पसंद आई तो बहुत से लोगों को पसंद आते-आते रह गई. कहने का मतलब है कि शमशेरा की कहानी, प्लॉटिंग, VFX, एक्शन, सिनेमेटोग्राफी सब एक नंबर है लेकिन फिल्म के मेकर्स ने कुछ ऐसे जबरजस्ती के सीन ऐड कर दिए हैं जो एक पीरिऑडिक फिल्म की भजिया फाड़ देते हैं. 

शमशेरा फिल्म रिव्यू हिंदी  

Shamshera Film Review In Hindi: फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने शमशेरा को बहुत वाहियात फिल्म बताते हुए सिर्फ 1/2 स्टार दिए हैं. मतलब आधा स्टार, खैर हम Taran Adarsh की काबिलियत पर शक नहीं करते लेकिन यहां एनालिस्ट ने शमशेरा को कुछ ज़्यादा ही बुरा बता दिया है जबकि ऐंटरटेन्मेंट के लिहाज से फिल्म कहीं भी आपको बोर नहीं नहीं होने देती है. फिल्म देखने पर मजा आता है, पियूष मिश्रा (Piyush Mishra)ने जो डायलॉग लिखें हैं वो लाजवाब हैं. कविताओं के माध्यम से बात करना शमशेरा का लेवल बढ़ा देता है. शमशेरा बुरी फिल्म नहीं है लेकिन यह एक अच्छी फिल्म होते-होते रह गई है. 

शमशेरा फिल्म में दिक्कत क्या है 

What Is The Problem In Shamshera: फिल्म के डायरेक्टर करण मल्होत्रा (Karan Malhotra)  हैं और कहानी भी करण के साथ नीलेश मिश्रा और एकता पाठक मल्होत्रा ने लिखी है। शमशेरा की कहानी और कांसेप्ट बहुत तगड़ा है, विजुअल इफेक्ट्स भी अच्छे हैं, संजय दत्त (Sanjay Dutt) और रणबीर कपूर (Ranbeer Kapoor)  की एक्टिंग स्किल्स का कोई जवाब नहीं है, वहीं शमशेरा के भाई का रोल करने वाले सौरभ शुक्ला (Saurabh Shukla) की डायलॉग डिलेवरी ने लोगों का दिल जीता है. दिक्क्त बस ये है कि फिल्म बॉलीवुड में बनी है और इसी बॉलीवुडिया सोच ने एक अच्छी फिल्म के ‘एल’ लगा दिए हैं. 

Why Shamshera Flopped: पीरिऑडिक फिल्म में एक्सोटिक डांस, जबरजस्ती के इंटिमेट सीन, बेवजह का रोमांस और फिल्म की बेहतरीन एंडिंग को बिना लॉजिक वाले सीन से बर्बाद करने की सफल कोशिश मेकर्स ने की है. बॉलीवुड में यह कल्चर बन गया है कि कोई भी फिल्म हो उसमे एक आइटम सांग, एक लव सांग, हीरो-हेरोइन के बिना कपड़ों वाले इंटिमेट सीन डालना मस्ट है. और इसी कांसेप्ट ने पूरे बॉलीवुड की लाई लूट ली है. 

कहने का मतलब है कि शमशेरा की कहानी भले ही काल्पनिक है लेकिन फिल्म में कुछ तो रियलिस्टिक होना चाहिए जो लोगों से कनेक्ट हो सके, हम कोई स्पोइलर नहीं देना चाहते लेकिन फिल्म की एंडिंग बहुत अच्छी हो सकती थी अगर काले कौवों का झुण्ड रणबीर कपूर की मदद करने के लिए ना पहुंचता। फिल्म की एंडिंग ऐसी है कि जैसे मेकर्स को विलन का खात्मा करने के लिए कोई ऑप्शन ही ना मिल रहा हो. 

शमशेरा हिट हुई या फ्लॉप 

Shamshera Hit Or Flop: शमशेरा सुपर हिट हो सकती थी, अगर मेकर्स थोड़ा सा दिमाग का इस्तेमाल कर लेते। लेकिन बॉलीवुड की चाप ऐसी पड़ी है कि डायरेक्टर्स के जहन से जबरजस्ती मसाला ऐड करने की आदत ही नहीं छूट रही है. 150 करोड़ की फिल्म दो दिन में सिर्फ 22 करोड़ का कलेक्शन करेगी तो उसे फ्लॉप तो नहीं एक एवरेज फिल्म कहा जा सकता है. 

शमशेरा देखने लायक है या नहीं 

Is Shamshera Worth Watching: ऐसा नहीं है कि फिल्म रद्दी है, शमशेरा एक अच्छी फिल्म है जो बहुत अच्छी हो सकती थी. आप एंटरटेनमेंट के लिए इसे देख सकते हैं. खराब नहीं है. सलमान की दबंग और जय हो जैसी पकाऊ  फिल्मों से तो अच्छी ही है. लेकिन आप शमशेरा को RRR और KGF से कम्पेयर करके देकने जा रहे हैं तो थोड़ी निराशा होगी। हर फिल्म RRR और बाहुबली जैसी नहीं हो सकती।