uttar pradesh government formation सरकार बनाने पर मोदी का मंथन

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नई दिल्ली। चार राज्यों में विधानसभा चुनाव जीतने के 11 दिन बाद तक भारतीय जनता पार्टी सरकार गठन पर फैसला नहीं कर पाई है। एक मणिपुर को छोड़ कर किसी राज्य में विधायक दल की बैठक नहीं हुई है और न नेता चुना गया है। इस मसले पर रविवार की शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार विमर्श किया। प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्षों राजनाथ सिंह और अमित शाह के अलावा के कई बड़े नेता शामिल हुए।

प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर हुई बैठक में बताया जा रहा है कि मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में सरकार गठन को लेकर चर्चा हुई। राज्य में मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ का नाम तय है। लेकिन उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों को लेकर सस्पेंस है। पिछली सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य चुनाव हार गए हैं। इससे भाजपा का समीकरण बिगड़ा है। उसके लिए जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन बनाना बड़ी चुनौती बन गया है।

Yogi met PM Modi

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बहरहाल, यह भी बताया गया है कि प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में मणिपुर, गोवा और उत्तराखंड में भी सरकार बनाने को लेकर चर्चा हुई। इस बीच खबर है कि उत्तर प्रदेश में विधायक दल की जो बैठक 21 मार्च को होनी थी वह 24 मार्च तक के लिए टल गई है। बताया जा रहा है कि 24 मार्च को विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें योगी आदित्यनाथ को नेता चुना जाएगा और उसके अगले दिन वे शपथ लेंगे। उनके शपथ समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा राजनाथ सिंह, अमित शाह सहित तमाम बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री की बैठक से पहले रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और उत्तराखंड के चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी मौजूद थे। इस बैठक में प्रदेश के नेता भी मौजूद थे। उत्तराखंड में विधायक दल की बैठक सोमवार को होगी। चुनाव हार गए पुष्कर सिंह धामी ही अभी तक सबसे प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं। उनके अलावा सतपाल महाराज, अनिल बलूनी, अजय भट्ट आदि के नाम की भी चर्चा है।

इससे एक दिन पहले शनिवार को गोवा के कार्यवाहक मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और राज्य सरकार में मंत्री रहे विश्वजीत राणे ने अमित शाह से मुलाकात की थी। सावंत के अलावा राणे भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि पार्टी के जानकार सूत्रों का कहना है कि सावंत ही फिर मुख्यमंत्री बनेंगे।