Uddhav Thackeray Eknath Shinde बागियों से उद्धव की गुजारिश

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मुंबई। शिव सेना में बगावत होने के 36 घंटे बाद पार्टी प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए अपनी पार्टी के बागी विधायकों और राज्य की जनता को संबोधित किया। उद्धव ने पार्टी से बगावत करने वाले विधायकों से भावुक अंदाज में अपील की और उनसे वापस लौटने का अनुरोध किया। उद्धव ने उनसे यह वादा भी किया कि शिव सेना कभी भी हिंदुत्व को नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बागी विधायक आए और उनसे कहे तो वे पद छोड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वे कुर्सी पकड़ कर बैठे रहने वाले नेता नहीं हैं।

गौरतलब है कि शिव सेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे के साथ करीब 35 विधायकों ने बगावत कर दी है। सारे विधायक असम में भाजपा की देख-रेख में हैं। विधायकों की बगावत से राज्य में महाविकास अघाड़ी सरकार संकट में है। बहरहाल, बुधवार को दोपहर बाद अपने फेसबुक संबोधन में उद्धव ने कहा- मैं अपना इस्‍तीफा तैयार रख रहा हूं। आइए और मुझे बताइए कि क्‍या आप चाहते हैं कि मैं पद छोडूं। मैं कुर्सी पकड़ कर बैठने वालों में से नहीं हूं।

उद्ध ठाकरे ने कहा- जब सरकार बनी थी तब भी पवार साहेब ने मुझे कहा था कि मैं चाहता हूं कि सरकार को तुम ही चलाओ। पवार ने भी मुझ पर भरोसा जताया है लेकिन अगर मेरे लोग ही मेरे पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं तो मैं क्या हूं। उन्होंने बागी विधायकों को संबोधित करते हुए कहा- सूरत और कहीं और जाकर बात करने से अच्छा था कि वो मेरे पास आकर बात करते और मुझे कहते कि आप मुख्यमंत्री मत रहिए तो मैं इसे ज्यादा बेहतर समझता। उन्होंने कहा- अगर एक भी विधायक कहता है कि उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री नहीं रहना चाहिए तो मैं आज के आज में इस्तीफा दे दूंगा। मैं कोई कुर्सी पकड़कर बैठने वाला आदमी नहीं हूं लेकिन ये कहना है कि यह हमारी शिव सेना नहीं है, ये गलत है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि शिव सेना कभी भी हिंदुत्‍व को नहीं छोड़ेगी। उन्‍होंने कहा- हिंदुत्‍व हमारी पहचान है। मैं ऐसा पहला सीएम हूं जो हिंदुत्‍व पर बात करता हूं। उन्‍होंने विधायकों के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा- मुझ पर लोगों, पार्टी जनों से नहीं मिलने के आरोप लगाए गए, जहां तक लोगों से न मिलने की बात है तो इसका कारण यह था कि मैं अस्‍वस्‍थ था और इस कारण लोगों से मिल नहीं पा रहा था। ऐसा नहीं है कि मेरे स्‍वस्‍थ्‍य नहीं रहने के दौरान प्रशासनिक काम नही हो रहा था वह चल रहा था।

बागी विधायकों के आरोपों का जवाब देते हुए उद्धव ने कहा- लोग कहते हैं कि यह बाला साहेब की शिव सेना नहीं रही मैं पूछता हूं क्‍या फर्क है? यह अभी भी पहले वाली ही शिव सेना है। भावुक होते हुए उद्धव ने कहा- मैंने शिव सेना प्रमुख को जो वचन दिया कि मुख्यमंत्री शिव सेना का होगा मैं उसे पूरा करूंगा। उन्होंने कहा- शरद पवार ने भी मुझ पर भरोसा किया लेकिन जब मेरे लोग ही मुझ पर भरोसा नहीं कर रहे तो मैं क्‍या करूं। मैं अब भी उन्‍हें अपना मानता हूं।