जीवन में गंभीर बीमारियां और कंगाली लाते हैं ये वास्तुदोष

 

मौसम में बदलाव के साथ सर्दी-जुखाम होना आम बात हैं लेकिन घर में लगातार गंभीर बीमारियां होना बड़ी परेशानी का कारण बनता हैं। इन बीमारियों के पीछे का कारण घर में उपस्थित वास्तुदोष भी हो सकता हैं। जी हां, वास्तुदोष घर में नकारात्मकता लाते हुए आपकी सेहत पर भी बुरा प्रभाव डालते हैं। ऐसे में जरूरी हैं कि इन वास्तुदोष की पहचान कर इन्हें दूर किया जाए ताकि लगातार पैर पसार रही बीमारियों को बढ़ने से रोका जा सकें। तो आइये जानते हैं सेहत से जुड़े इन वास्तु टिप्स के बारे में।

- वास्तु के अनुसार, हमेशा घर की दक्षिण या पूर्व की ओर सिर करके सोना चाहिए। इससे सेहत सही रहने के साथ पैसों की किल्लत दूर होती है। इसके अलावा जो लोग उत्तर दिशा में सिर और दक्षिण में पैर रख कर सोते हैं। उन्हें अनिद्रा, बेचैनी, सिरदर्द आदि की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

- वैसे तो पूरे घर की रोजाना अच्छे से सफाई करनी चाहिए। मगर वास्तु में उत्तर दिशा को उत्तम माना जाता है। ऐसे में इसे विशेष रूप से साफ रखना जरूरी है। साथ ही पूर्व व उत्तर दिशा पर ज्यादा भारी सामान रखनी गलती न करें। नहीं तो सेहत खराब होने के साथ अनिद्रा की समस्या हो सकती है। इसके अलावा घर का भारी सामान दक्षिण व पश्चिम दिशा में रखें।

- रसोईघर में भी सेहत का राज छिपा होता है। ऐसे में अगर महिलाएं घर की दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके खाना बनाती है तो इससे स्किन व हड्डियों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। इसके अलावा पश्चिम दिशा की तरफ खाना बनाने से आंख, नाक, कान व गले से जुड़ी परेशानियां हो सकती है। ऐसे में खाना पकाने के लिए घर की पूर्व दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है। इससे सेहत सही रहने के साथ बीमारियों से बचाव रहता है।

- अगर आपका मेन गेट दक्षिण-पश्चिम दिशा में है तो इससे दिल के जुड़ी बीमारी, लकवा, हड्डियों के कमजोर होने आदि की परेशानियां हो सकती है। ऐसे में इससे बचने के लिए इस दिशा को कभी खाली ना छोड़े। आप चाहे तो यहां पर सुंदर फूलों के गमले लगा सकती है। इससे घर सुंदर लगने के साथ परिवार की सेहत बरकरार रहेगी।

- घर पर गलत जगह पर जल का स्त्रोत होने से भी सेहत से जुड़ी परेशानियां हो सकती है। ऐसे में इस बात का खास ख्याल रखें की पानी की व्यवस्था हमेशा उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में ही रखें।

- अक्सर लोग घर को पेंट करने से पहले रंगों का चुनाव करते हैं। ताकि घर और भी सुंदर दिखाई दें। मगर बात वास्तु की करें तो इससे घर वालों की सेहत का भी राज छिपा होता है। अगर घर की दीवारें गहरे काले व नीले रंग की होंगी तो इससे पेट व सांस से जुड़ी परेशानी हो सकती है। साथ ही जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की परेशानी है, उन्हें नारंगी व पीला रंग करवाने से बचना चाहिए। इसके अलावा गहरा लाल रंग करवाने से खून से जुड़ी परेशानी या कोई दुर्घटना होने का खतरा रहता है। ऐसे में घर की दीवारों को हमेशा हल्के व सात्विक रंगों से ही पेंट करवाना चाहिए।

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