जानिए ....पूजा में पान के पत्ते के इस्तेमाल का खास महत्व!

 
हिंदू मान्यताओं के अनुसार पान के पत्ते को बहुत शुभ मान कर इसका उपयोग पूजा में भी किया जाता है।यहाँ तक कि देवताओं को स्नान कराते समय भी पान के पत्ते का ही प्रयोग किया जाता है। मगर क्या आप जानते हैं कि तंत्र में पान के पत्ते के कुछ ऐसे प्रयोग बताए गए हैं। जिन्हें करने से आपकी सभी मनोकामनाएं भी पूर्ण हो सकती हैं। तो आइए पान के पत्तो के ऐसे ही कुछ प्रयोग बताते है...... 

- हिन्दू धर्म में भगवान की पूजा करते समय नियमों के पालन के साथ ही पूजा सामग्री का उपस्थित होना बेहद महत्वपूर्ण है। इसी पूजा सामग्री में विशेष वस्तु है पान का पत्ता।

- पान शुभ और संपन्नता का प्रतीक है यही वजह है कि पान हिन्दू धर्म में काफी पवित्र माना जाता है।

- किसी भी शुभ कार्य से पहले या पूजा पाठ के दौरान पान के पत्ते के जरिये भगवान का नमन किया जाता है।

- हिन्दू मान्यताओं के मुताबिक पान के पत्ते में विभिन्न देवी-देवताओं का वास है।

- स्कंद पुराण के अनुसार देवताओं द्वारा समुद्र मंथन के समय पान के पत्ते का प्रयोग किया गया था।

- गौरतलब है, कि मंगलवार तथा शनिवार को हनुमान जी को एक डंठल वाला पान का पत्ता तथा लड्डू चढ़ाने से आपके लंबे समय से अटके कार्य पूरे होते हैं।

-भगवान शिव को पान अर्पित करने से व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण होती है।

-पूजा में इस्तेमाल होने वाला पान का पत्ता हमेशा सही सलामत रूप में, चमकदार और कहीं से भी सूखा नहीं होना चाहिए। नहीं तो इससे व्यक्ति की पूजा साकार नहीं होती।

- अगर व्यापार में परेशानी हो तो पान का दान करें इससे व्यक्ति के पापों से छुटकारा मिलता है।

- पान का पत्ता नकारात्मक ऊर्जा को दूर करनेवाला और सकारात्मक ऊर्जा को बढाने वाला भी माना जाता है तभी तो इसे पूजा-पाठ में खास महत्व दिया गया है।

- व्यापार में लाभ नहीं हो रहा है तो आप शनिवार प्रात: पांच पीपल के पत्ते और 8 पान की साबूत डंडीदार पत्ते लेकर उन्हें धागे में पिरोकर दुकान में पूर्व की ओर बांध दें।

- ऐसा आप कम से कम पांच शनिवार करें। पुराने पत्तों को किसी नदी में प्रवाहित करे दें। यकीन मानिए इससे व्यापार में लाभ ही लाभ होगा।

- यदि बनते काम में रूकावट आती हैं तो रविवार को एक पान का पत्ता घर से बाहर निकलेंगे। तो आपके रूके हुए काम संपन्न होना शुरू हो जाएंगे और घर में शुभ ही शुभ होगा।

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