अगर यह रेखा हो आपके हाथ में तो यात्रा से बनते हैं प्रेम विवाह के योग

 

व्‍यक्‍ति को जीवन में यात्राएं जरूर करनी पड़ती हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनका देश-विदेश की यात्राओं में ही जीवन व्‍यतीत होता है। हाथ में हस्‍तरेखा से अनेक योग बनते हैं। ये यात्राओं से जुड़े होते हैं। कई ऐसे भी योग होते हैं यात्रा को जीवन से जोड़ते हैं। पं.शिवकुमार शर्मा के जानिए हाथ में यात्रा और जीवन से जुड़े कुछ योग।  

यदि किसी स्त्री या पुरुष जातक की हथेली में चंद्र पर्वत से यात्रा रेखा निकलकर स्पष्ट रूप से हृदय रेखा में जाकर मिल जाए तो उस जातक को यात्रा के दौरान ही प्रेम संबंध अथवा प्रेम विवाह होने की पूर्ण संभावना होती है।
यदि यात्रा रेखा चंद्र क्षेत्र से निकलकर तथा पूरी हथेली को पार करते हुए गुरु पर्वत तक पहुंचती हो तो जातक को दूरस्थ स्थान अथवा विदेश की अत्यधिक लंबी यात्राएं करनी पड़ती है।
चंद्र पर्वत से निकलकर कोई यात्रा रेखा मस्तिष्क रेखा से मिल जाए तो जातक को यात्रा में कोई व्यवसायिक समझौता अथवा बौद्धिक कार्यों का अनुबंध करना पड़ता है।
यदि चंद्र पर्वत से निकलकर कोई रेखा बुध क्षेत्र तक अथवा बुध पर्वत पर पहुंचती हो तो जातक को यात्रा के दौरान आकस्मिक धन की प्राप्ति होती है।
यदि चंद्र पर्वत से यात्रा रेखा हथेली के मध्य में से ही अथवा मुड़कर वापस चंद्र पर्वत पर आए तो जातक को विदेश में व्यापार अथवा नौकरी की खातिर कई वर्ष व्यतीत करने के बाद मजबूरन स्वदेश वापस लौटना पड़ता है।
यात्रा रेखा पर यदि कोई क्रास हो तथा उसके समीप चतुष्कोण भी हो तो अक्सर यात्रा का तयशुदा कार्यक्रम अकस्मात स्थगित करना पड़ता है।
यदि हथेली में चंद्र और शुक्र पर्वत उन्नत हो तथा जीवन रेखा पूरे शुक्र क्षेत्र को घेरती हुई शुक्र पर्वत के मूल तक जाती हो तथा चंद्र पर्वत पर स्पष्ट यात्रा रेखा हो तो जातक को अपने जीवनकाल में देश-विदेश की अनेकानेक यात्राएं करनी पड़ती हैं।

From around the web