शास्त्रों के अनुसार ऐसे स्वभाव की स्त्री होती है भाग्यशाली!

 
हिंदू धर्म के अनुसार शास्त्रों में कई ऐसी बातें बताई गई जिसके बारें में हमें जानकारी भी नही है। इसी प्रकार शास्त्रों का एक शास्त्र समुद्र शास्त्र भी है। जिसमें हमारें जीवन के बारें में बहुत सी बातें बताई गई है। जिसें महापुरूषों ने बताया है। इस समुद्र शास्त्र में स्त्रियों के बारें में जानकारी बढ़ी ही गहराई से बताया गया है। इसके अनुसार बताया गया है कि स्त्रियों के स्वभाव के अनुसार 5 भागों में बाटां गया है। जानिए समुद्र शास्त्र के अनुसार स्त्रियों को इन भागों में बाटा गया है।

पद्मिनी - समुद्र शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि पद्मिनी स्त्रियां सुशील, धर्म में विश्वास रखने वाली, माता-पिता की सेवा करने वाली और अति सुंदर होती हैं। इनका लंबा कद होता है। साथ ही इनकी बाणी कोयल की तरह मधुर होती है। इनको देखकर हपली नजर में ही आकर्षित कर लेती है।  ऐसी स्त्रियां पतिव्रता होती है। इनके नाक, कान और हाथ की अंगुलियां छोटी होती है। चाहें जितना भी कष्ट हो वह उसमें भी हस्ती रहती है और उस कष्ट का निवारण कर लेती है। यह हर पुरुषों को पिता, भाई के समान देखती है। इन्हें लाल रंग के कपड़े अधिक पसंद है। इस तरह की स्त्री से जिससे भी शादी होती है। वह बहुत ही भाग्यशाली होता है।

शंखिनी - शास्त्रों के अनुसार माना जाता है शंखिनी स्वभाव की स्त्रियां दूसरी स्त्रियों से थोड़ी लंबी होती हैं। इनमें से कुछ मोटी और कुछ दुर्बल होती हैं। इनकी नाक मोटी और आवाज गंभीर होती है। ये हमेशा बिना कारण क्रोध करती है और हमेशा अप्रसन्न दिखाई देती हैं। साथ ही इनके अंदर जरा सी भी किसी के प्रति दया नही होती।ऐसी स्त्रियां लोगों की चुगली करने वाली होती है। यह अपने पिता और पति दोनों का घर बरबाद कर देती है। साथ ही इनका मन कभी-कभी मरने का होता है, लेकिन इन्हें मौत नही मिलती है। यह अपने भोग विलास में डूबी रहती है। जिससे कारण ये अपने पति से हमेशा रूठी रहती है। यह किसी की बात नही मानती है।

हस्तिनी - हस्तिनी स्त्रियां का स्वभाव हसमुंख होता है, लेकिन इनका स्वभाव हमेशा बदलता रहता है। कभी-कभी यह अधिक क्रोधित भी हो जाती है। यह भोजन प्रेमी होती है साथ ही यह भोग-विलास में अधिक रहती है। इस तरह की स्त्रियों काफी आलसी भी होती है। इनका कद छोटा और मोटा होता है। इनके पैरों की अंगुलिया टेढी-मेढ़ी होती है। जिससे इनकी शादी होती है। वह युवक बहुत ही सुंदर और गुणवान होता है, लेकिन झगडालू होने के कारण ससुराल में क्लेश करती रहती है। जिसके कारण परिवार में जिनकी किसी से नही बनती है। शादी के कई साल बाद ही पति का बाग्य खुलता है। ऐसी स्त्री का जीवन कष्टों से भरा हुा होता है। जिसकी जिम्मेगार यह खुद होती है।

चित्रिणी - चित्रिणी स्त्रियां सभी को प्रेम करने वाली, पतिव्रता होती है। ऐसी स्त्रियां बहुत ही बुद्धिमान है, लेकिन इनसे मेहनत का काम नही होता है। साथ ही यह जिस काम में अपना हाथ लगाती है असे बिना करे नही छोड़ती है। इस तरह की स्त्रियों का मस्तक गोल आकार में, आंखें चंचल और इनकी आवाज कोमल के समान मधुर होती है। यह जहां भी जाती है उस घर के भाग्य खुल जाते है। यह स्त्रियों अच्छी ग्रहणी बन सकती है।

पुंश्चली - इस तरह की लड़कियों का स्वभाव थोडा अलग होता है। इनके मन में जो बात होती है। वो मुंह में कह देती है। जिसके कारण यह अपने परिवार के लिए दुख का कारण बनती है। इनके अंदर शर्म नाम की कोई चीज नही होती है। ऐसी स्त्रियों का मन अपने पति में नही लगता। ये दूसरें पुरूषों को ज्यादा देखती है। जिसके कारण इनके घर में क्लेश रहता है साथ ही ऐसी स्त्री का सम्मान कोई नही करता है। इनका स्वर थोड़ी तीखा होता है। जब यह किसी से बात करती है तो लगता है कि किसी से लड़ाई कर रही है। इनकी भाग्य थोड़ा अलग होता है। इनके हाथ में दो शंख रेखाएं और नाक में तिल होता है।

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