हथेली में बने ऐसे निशान वाले व्यक्ति फंस जाते हैं बुरी संगत

 

हस्तरेखा विज्ञान में अनेक चिह्न में एक एक है चतुष्कोण। यह चिह्न भी बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। इसके परिणाम भी अलग-अलग होते हैं। इन्हीं में से एक है शुक्र पर्वत। इस पर्वत पर चतुष्कोण का होना शुभ नहीं माना गया है। शुक्र पर्वत पर चतुष्कोण व्यक्ति को शुभ प्रभाव नहीं देता। शुक्र पर्वत पर चतुष्कोण के होने से व्यक्ति ऐसे मामले में फंस जाता है जिसमें उन्हें किसी भी तरह की सजा या जुर्माना भरना पड़ेगा। ऐसे लोगों पर जुर्माना लग सकता है अथवा सजा हो सकती है।

यदि शनि पर्वत अशुभ स्थिति में हो और चतुष्कोण भी हो तो ऐसा व्यक्ति खुद का ही नुकसान कर बैठता है। हाथ में शनि पर्वत मध्यमा उंगली के नीचे होता है।  

शनि पर्वत पर चतुष्कोण होने से व्यक्ति गलत संगत में फंस जाता है। हस्तरेखा विज्ञान में अधिक लंबी मस्तिष्क रेखा अच्छी नहीं मानी गई है। लंबी मस्तिष्क रेखा को असंतोष पैदा करने वाला माना गया है। यह स्थिति निराशा बढ़ाती है। लेकिन यदि मस्तिष्क रेखा पर चतुष्कोण बन जाए तो व्यक्ति निराशा से बाहर आ जाता है। मानसिक रूप से संतुष्टि भी मिलती है। हृदय रेखा पर चतुष्कोण होने से व्यक्ति में मनोबल अधिक होता है, लेकिन हृदय रेखा की अशुभ स्थिति से हृदय संबंधी रोग हो सकते हैं। अशुभ हृदय रेखा पर ये निशान हो तो रोगों से बचाव होता है।

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