स्त्री हो या पुरुष, ये 7 बातें हमेशा गुप्त रखनी चाहिए

 
आपको बता दें कि व्‍यक्ति के जीवन में कई बातें ऐसी होती है जिन्हें वो हमेशा दूसरों से छिपाकर ही रखना चाहिए। क्‍योंकि शास्‍त्रों में कहा गया है कि इसमें मनुष्‍य की भलाई होती है वहीं अगर जो व्‍यक्ति ये बातें दूसरों को बताता है तो उसे भविष्य में कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। तो आज हम आपको उन्‍ही बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे शास्त्रों में गुप्त रखने को बताया गया है.....

1.  सबसे पहले तो किसी भी व्‍यक्ति को अगर उसके परिवार के सदस्यों में कुछ आपसी वाद-विवाद हो जाए तो उन्‍हें ऐसी बातों को किसी दूसरे से नहीं बतानी चाहिए क्योंकि इससे समाज में आपके परिवार का सम्मान तो कम होता ही है।
 


2. इतना ही नहीं शास्‍त्रों में बताया गया है कि आपको अपने गुरु द्वारा मिले हुए मंत्र को किसी को भी नहीं बताना चाहिए क्योंकि शास्त्रों की माने तो ये गुरु मंत्र, तभी सिद्ध होते हैं, जब इन्हें गुप्त रखा जाता है। साथ ही इन मंत्रों को गुप्त रखने से इनके शुभ फल जल्दी ही प्राप्त होते हैं।

3. शास्‍त्रों में बताया गया है कि अपने दान कर्म की बातें कभी भी दूसरों को नहीं बताना चाहिए क्‍योंकि माना जाता है कि इसे दूसरों को बताने से उसका पुण्य आपको नहीं मिल पाता है। वहीं ये भी बता दें कि शास्त्रों में गुप्त दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि ऐसा करने से मनुष्‍य को अक्षय पुण्य के साथ ही देवी-देवताओं की कृपा भी प्राप्त होती है।
 


4. शास्‍त्रों में बताया गया है कि धन हानि को भी गोपनीय रखना चाहिए क्‍योंकि कई बार समाज में धन को व्यक्ति की शक्ति का पैमाना माना जाता है और अगर पता चल जाता है कि उस व्‍यक्ति की धन की हानि हुई है तो इससे उसका सम्‍मान कम होता है। ऐसे में अगर आपको धन हानि का सामना करना भी पड़े तो इस दूसरों से गुप्त रखना चाहिए, क्योंकि जैसे ही धन हानि की बात दूसरों को पता चलेगी, वे आपसे दूरियां बढ़ा लेंगे।

5. वहीं आपको ये भी बता दें कि शास्त्रों में रतिक्रिया को भी गुप्‍त रखने की बात कही गई है ऐसे में स्त्री-पुरुष दोनो को इसके लिए एकांत जगह और समय विशेष का ध्यान रखना चाहिए।
 


6. शास्त्रों के अनुसार कभी खुद के अपमान के बारे में किसी को नहीं बताना चाहिए क्‍योंकि इससे आपकी जग हंसाई ही होती हैं, वहीं दूसरे लोग आपकी कमजोरी का अनुचित लाभ ले सकते हैं।

7.  शास्‍त्रों में कहा गया है कि अगर आप किसी बड़े पर्दे पर है तो आपको कभी अपनी शान और वैभव का प्रदर्शन न करें क्योंकि एक तरफ जहां इससे अहंकार का भाव पैदा होता है और अहंकार आपकी पतन का कारण बन सकता है, वहीं इससे आपके आत्मीय रिश्तों में दूरी आती है।

From around the web

>