भारत के वो 3 रहस्यमई मंदिर जहां हर रोज होते हैं चौंका देने वाले चमत्कार

 
द्मनाभस्वामी मंदिर भारत के केरल राज्य के तिरुअनन्तपुरम में स्थित भगवान विष्णु का प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है। भारत के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में शामिल यह ऐतिहासिक मंदिर तिरुअनंतपुरम के अनेक पर्यटन स्थलों में से एक है। पद्मनाभ स्वामी मंदिर विष्णु-भक्तों की महत्वपूर्ण आराधना-स्थली है। मंदिर की संरचना में सुधार कार्य किए गए जाते रहे हैं। उदाहरणार्थ 1733 ई. में इस मंदिर का पुनर्निर्माण त्रावनकोर के महाराजा मार्तड वर्मा ने करवाया था। भारत के वो 3 रहस्यमई मंदिर - जहां रोज होते है चमत्कार...

1. पद्भमस्वामी मंदिर (केरल)
 


यह मंदिर विष्णु भगवान का सबसे विशेष मंदिर माना जाता है । यह केरल राज्य में स्तिथ है और यहां पर हर साल करोड़ो श्रद्धलु पूजा पाठ करने के लिए आते है पर इस मंदिर के नीचे 3 तहखाने है जिसमें से 2 तहखाने खोला गया तो उसमें से 2 लाख करोड़ से भी ज्यादा का खजाना मिला और तीसरा तहखाना खोलने की कोशिश की गई तो उसे बड़े - बड़े वैज्ञानिक भी नही खोल सके और जिस वैज्ञानिक ने उस तहखाने को खोलने की कोशिश की उस वैज्ञानिक की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई तब से इस तहखाने से खोलने की कोशिश नही की जा रही । मंदिर का तहखाना लोहे के दरवाजे से बंद है और उसमें कोई भी ताला नही है। लोगो का मानना है कि उसे अष्ट नाग मंत्र से बंद किया गया है और नाग देवता उस तहखाने की हिफाजत करते है और जो भी उसे खोलने की कोशिश करता है उसे मृत्युदंड देते है।

2. जगरनाथ मंदिर (पूरी)
 


जगरनाथ मंदिर उड़ीसा के पूरी शहर में मौजूद है यह मंदिर भगवान जगन्नाथ बलराम और देवी सुभद्रा का मंदिर है। जुलाई महीने में यहां पर रथ यात्रा का भव्य आयोजन किया जाता है और इस रथ की रस्सी को खींचने के लिए या फिर छूने के लिए विश्वास से लोग आते है, और उनका मानना है कि ऐसा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
 


यह मंदिर के ऊपर लगा ध्वज हमेशा वायु के विपरीत दिशा में लहराता है। मंदिर के परिसर के अंदर आपको समुद्र की लहरों की कोई भी आवाज नही आती और आप जैसे ही मंदिर परिसर से बाहर जाते है आपको समुद्र की लहरों की आवाज सुनाई देने लगती है। जगरनाथ मंदिर के मुहाने पर स्वर्ग का द्वार माना जाता है और इसलिए यहां पर शवों को जलाया जाता है और आप जब मंदिर परिसर से बाहर निकलेंगे तो आपको शव जलने की बदबू आएगी पर जैसे ही आप जगरनाथ मंदिर परिसर के अंदर जाएंगे तो यह बदबू गायब हो जाती है।

3. शनिदेव मंदिर (शिगणापुर)
 


शनिदेव मंदिर बहुत चमत्कारी और विचित्र माना जाता है। यह एक छोटे से। शिंगणापुर के गांव में स्तिथ है और इसके पीछे एक पौराणिक कथा है कि कहा जाता है कि भगवान शनिदेव ने एक गडरिया को एक लाल पाषण दिया था, और उसे जमीन पर रखकर उसका अभिषेक तेल से करने को कहा था। ताकि उस गांव का भला हो सके और तब से लोग इस पाषण का अभिषेक तेल से करते है। आपको जानकर हैरानी होगी कि शनिदेव का यह मंदिर कोई मंदिर नही एक खुला स्थान है जहां पर शनिदेव की मूर्ति है। इस गांव में किसी के घर मे कोई दरवाजा नही है।
 


यहां पर लोग अपनी अलमारी में ताला भी नही लगाते है। भक्त जब आते है तो अपनी गाड़ियों में भी ताला नही लगाते क्योंकि ऐसा लोगो का मानना है कि शनिदेव उनकी रक्षा करते है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस गांव में एक यूको बैंक की शाखा है जहाँ पर किसी भी प्रकार का दरवाजा नही है और ना ही ताला लगाया जाता हैं पर फिर भी इस गांव में आज तक कोई चोरी नही हुई क्योंकि इस गांव की रक्षा शनिदेव स्वयं करते है।

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