नैनीताल जिले में 159 विद्यालयों में नहीं है पीने का पानी

 

राज्य गठन के 21 साल होने को हैं। इसके बाद भी जिले में अभी भी कई सरकारी स्कूलों में पेयजल की कोई सुविधा नहीं है। इन स्कूलों में छात्र-छात्राओं को पीने के पानी का इंतजाम खुद करना पड़ता है।

जल जीवन मिशन के तहत पेयजल संयोजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें आम लोगों के साथ ही सरकारी विद्यालयों में भी पेयजल के संयोजन उपनलब्ध कराने पर काम चल रहा है। जल जीवन मिशन की रिपोर्ट में पता चला कि जिले में कुल 1332 सरकारी विद्यालय हैं। इनमें से 1173 विद्यालयों में पेयजल के संयोजन हैं, लेकिन अभी भी 159 विद्यालयों में पेयजल का संयोजन नहीं है।

हालांकि जिन विद्यालयों में पेयजल संयोजन है, उन सभी विद्यालयों में पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। इनमें से ज्यादातार विद्यालय पहाड़ी क्षेत्रों में हैं। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को स्वयं ही पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। यहां तक की कुछ विद्यालयों में बनने वाले मिड डे मील के लिए भी पेयजल बाहर से लाना पड़ता है और इन कामों में भी छात्र-छात्राओं को लगाया जाता है। उधर, जिले में 129 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं, जिनमें पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिले में कुल 967 आंगनबाड़ी केंद्रों में से केवल 838 आंगनबाड़ी केंद्रों में ही विभाग की ओर से पेयजल संयोजन की व्यवस्था कराई जा सकी है।

तेजी से चल रहा है काम
सीडीओ संदीप तिवारी ने बताया कि जिले में जिन विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल संयोजन नहीं हैं, उन्हें जल जीवन मिशन के तहत लक्ष्य में रखा गया है। बताया कि जल्द ही सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

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