हल्द्वानी: राशन डीलरों की मनमानी, 15.50 लाख किलो खाद्यान्न की बंदरबांट

 

शासन भले ही जनता को राहत पहुंचाने के लिए बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही सामने आ रही है। कोरोना महामारी के बीच जनता को सरकारी राशन पूरा पाने के लिए भी भटकना पड़ रहा है। एपीएल यानी पीले कार्ड धारको को एक कार्ड पर 20 किलो खाद्यान्न मिलना चाहिए, लेकिन मिल 7.50 किलो रहा है।

एक कार्ड पर 12.50 किलो राशन की बंदरबांट हो रही है, जो सवा लाख एपीएल कार्ड के हिसाब से 15.50 लाख किलो राशन बैठता है। राशन डीलर जहां दुकान में जगह नहीं होने की बात कह रहे हैं तो डीएसओ का इस पूरे मामले में कहना है कि सरकार से राशन तो पूरा आ गया है, लेकिन डीलरों ने उठाया ही नहीं है। कोरोनाकाल में मुश्किल हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने तीन महीने तक पीले राशन कार्ड धारकों को साढ़े सात किलो के स्थान पर 20 किलो राशन देना तय किया। पूरे जिले में करीब 1.25 लाख पीले कार्ड धारक हैं। हर कार्ड पर 12.50 किलो अतिरिक्त अनाज मिलना था। लेकिन राशन डीलर लोगों को पांच किलो गेहूं और ढाई किलो चावल पकड़ा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अभी इतना ही राशन आया है इसलिए अतिरिक्त राशन नहीं मिलेगा।

मुझे पूरा राशन नहीं दिया
दमुवाढूंगा निवासी कुसुमलता ने बताया कि वह पहले यह सोचकर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर गईं थीं कि सरकार से घोषित 20 किलो अनाज मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहले की ही तरह पांच किलो गेहूं और ढाई किलो चावल ही दिया गया। चीनी के लिए तो मना कर दिया।

पुराना राशन नहीं मिला
शकुंतला मौर्या का भी यही कहना है कि सरकार की ओर से घोषणा तो अतिरिक्त राशन की गई थी लेकिन सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर पुराना राशन ही मिला। इससे हमें बड़ी निराशा हाथ लगी।

निर्धारित कोटे का ही राशन बांट रहे डीलर
जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन का कहना है कि गोदाम में यह राशन आ चुका है। हालांकि अभी सभी राशन डीलरों ने अतिरिक्त राशन नहीं उठाया है। इस वजह से राशन डीलर निर्धारित कोटे का ही राशन बांट रहे हैं।

दुकान में जगह नहीं है
राशन डीलर हयात सिंह पंवार का कहना है कि अभी दुकान में जगह नहीं है, इसलिए पूरा राशन नहीं बांटा जा रहा है। जगह होते ही बांटा जाएगा।

अगले महीने की क्या गारंटी
जनपद में करीब 1.25 लाख राशन कार्ड धारक हैं जिन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकारी महकमे का कहना है कि इस माह करीब 15.50 लाख अतिरिक्त अनाज गोदामों में आया है, जिन्हें दोबारा उठाए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिन कार्ड धारको को इस माह का पूरा राशन नहीं मिला क्या उन्हें अगले माह अतिरिक्त
12.50 किलो राशन दिया जाएगा। क्या गारंटी है कि जिम्मेदार अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे कि अगले माह राशन पूरा बांटा गया या नहीं।

गर्मी और कोरोना संक्रमण में दोबारा बुलाने का क्या तुक
उमस भरी गर्मी और कोरोना संक्रमण के बीच राशन डीलरों की मनमानी के चलते लोगों को बाकी का राशन लेने के लिए दोबारा दुकानों पर जाना पड़ेगा। जिससे बेवजह की भीड़ लगेगी। इसमें से बहुत से परिवार ऐसे भी हो सकते हैं जो दोबारा राशन लेने ही न जाएं। कुल मिलाकर सरकार की योजना का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है।

दो किलो चीनी भी नहीं मिली
हल्द्वानी। सरकार की ओर से कहा गया था कि इस बार राशन कार्ड धारकों को दो किलो चीनी भी दी जाएगी। इसका मूल्य 25 रुपए किलो होगा। जबकि बाजार में खुले भाव में 40 से 42 रुपए किलो चीनी मिली रही है। लेकिन अभी चीनी का वितरण नहीं किया जा सका है।

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