कोविड का असर कम होते ही संबंधित दवाओं की बिक्री में 80 प्रतिशत तक की आई गिरावट

 

कोरोना के उपचार से जुड़ी दवाएं जो कोरोना बीमारी के बाद उसके लक्षणों को कम करतीं हैं, ऐसी दवाओं की बिक्री में काफी गिरावट आ गई है। मेडिकल स्टोर स्वामियों का कहना है कि इन दवाओं की बिक्री गिरने की वजह अब कोरोना संक्रमण के मामलों का कम होना है। जबकि कोरोना के पीक के समय इन दवाओं की बिक्री कई गुना बढ़ गई थी।

कई ऐसी दवाएं हैं जिन्हें स्वास्थ्य विभाग कोरोना के उपचार में सहायक मानता है। विटामिन डी और कैल्शियम, मल्टी विटामिन, विटामिन सी, एजिथ्रोमाइसिन टेबलेट, आइवर मेक्टिन दवाओं को सरकार ने गाइडलाइन के तहत सूचीबद्ध किया है। कोरोना हो जाने पर ज्यदातर मरीजों को यह दवाएं दी जातीं हैं। इन दवाओं से संक्रमण तो ठीक नहीं होता है लेकिन इन दवाओं से कोरोना बीमारी के लक्षण जैसे खांसी, बुखार, सर्दी, गले में खराश को कम करने में मदद मिलती है।

इससे शरीर को कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए अतिरिक्त समय मिलता है। और ज्यादातर मामलों में मरीज ठीक हो जाता है। होम आइसोलेट मरीजों को इन दवाओं की किट भी दी जाती है। अप्रैल और मई माह में जब कोरोना संक्रमण के मामले अचानक से बढ़े तो इन दवाओं की बिक्री भी बढ़ गई। जनपद में दवाओं के थोक व्यापारियों का कहना है कि इन दवाओं की बिक्री में करीब पांच गुना का उछाल आ गया था। अनुमान है कि दो माह के अंदर जनपद के इन दवाओं की दो करोड़ तक की बिक्री हो गई। इसके बाद कोरोना के मामले कम होने लगे और इन दवाओं की बिक्री भी कम होने लगी।

आज के समय में इन दवाओं की बिक्री में करीब 80 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है। दवा व्यापारियों का कहना है कि जब कोरोना पीक पर था तब लोग इन दवाओं को स्टोर करके अपने पास रख रहे थे। उस समय ऐसा भय का माहौल हो गया था कि लोग ज्यादा से ज्यादा खुद को सुरक्षित करना चाह रहे थे। इसके चलते इन दवाओं की बिक्री में उछाल आया था।

पहली लहर से ज्यादा दूसरी लहर में रहा दवाओं की बिक्री में उछाल
दवा व्यापारियों का कहना है कि कोरोना की पहली लहर की अपेक्षा दूसरी लहर में कोविड से जुड़ी दवाओं की बिक्री ज्यादा हुई है। पिछले साल इन दवाओं की इतनी डिमांड नहीं थी। जिसकी वजह से यह है कि पहली लहर में अस्पतालों में इतनी मारामारी नहीं थी। अनुमान है कि कोरोना की पहली लहर में जब जुलाई से अगस्त के दौरान कोरोना के मामले बढे़ थे तब इस बार के मुकाबले बिक्री आधी रही थी।

सैनेटाइजर और मास्क की भी डिमांड कम हुई
अब सैनेटाइजर और मास्क की भी डिमांड कम हो गई है। लोग कोविड नियमों को लेकर फिर से बेपरवाह होने लगे हैं। इसलिए पहले ही तरह मास्क और सैनेटाइजर की बिक्री नहीं हो रही है। कोरोना की पहली लहर जब कम हुई थी तब यही देखने में आया था।

कोविड से जुड़ी दवाएं जैसे एजिथ्रोमाइसिन, विटामिन सी, पेरासिटामोल आदि की बिक्री अब कम हो गई है। अप्रैल और मई के मुकाबले अब दवाओं की बिक्री में 80 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है।

– संदीप जोशी, दवाओं के थोक व्यापारी और नैनीताल ड्रग एसोसिएशन के सचिव

अब ग्राहक पहले की तरह सेनेटाइजर, एजिथ्रोमाइसिन, विटामिन सी नहीं मांग रहा है। पिछले 15 दिनों में ही बिक्री काफी कम हो गई है।

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