उत्तराखंड में शर्तों के साथ रोडवेज बसों के संचालन को मंजूरी

 

उत्तराखंड सरकार ने कुछ शर्तों के साथ रोडवेज बसों व निजी सवारी वाहनों के अंतर्राज्यीय व अंतर जनपदीय संचालन की अनुमति दे दी है। बाहरी राज्यों से भी बसों के आवागमन पर लगी रोक हटा दी गई है।

परिवहन सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने बुधवार को बसों के संचालन को लेकर संशोधित एसओपी जारी की है। शासन के निर्देशानुसार रोडवेज बसों, टैक्सी, कैब मैक्स, थ्री व्हीलर, ऑटो, विक्रम, ई-रिक्शा के संचालन की अनुमति है। वाहनों में सीट की क्षमता के अनुसार सवारी ले जाई जा सकेंगी। हालांकि कोविड-19 महामारी के संक्रमण के मद्देनजर कुछ शर्तों का भी पालन करना होगा। अंतर्राज्यीय  व अंतरजनपदीय यात्रा में यात्रियों की थर्मल  स्कैनिंग के बाद ही वाहनों में एंट्री दी जाएगी। प्रत्येक चक्कर के बाद वाहन, सीट, रेलिंग, हैंडिल, लीवर वगैरह  को अनिवार्य रूप से सैनिटाइज करना होगा।

वहीं अंतर्राज्यीय  व अंतरजनपदीय सफर में चालक-परिचालक व यात्रियों को स्मार्ट सिटी पोर्टल देहरादून में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। साथ ही सभी के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड होना जरूरी है। वहीं, राज्य के भीतर सफर करने वालों के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट लाना अनिवार्य नहीं है। लेकिन यदि मैदानी जिलों हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर से पर्वतीय जिलों में जाने पर आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट लाना जरूरी है।

बाहरी राज्यों से आने वालों के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट अनिवार्य

बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में आने वाले बसों के चालक-परिचालक, यात्रियों को 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट लाना और स्मार्ट सिटी पोर्टल देहरादून पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं होने पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।

मनमान किराया वसूला तो होगी कार्रवाई

शासन ने वाहनों के संचालन की मंजूरी दे दी है लेकिन यदि वाहन संचालकों ने राज्य परिवहन प्राधिकरण से निर्धारित अधिक किराया वसूला तो कार्रवाई होगी। सभी वाहन संचालकों को सख्ती से निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों से मनमाना किराया नहीं वसूला जाए।

रोडवेज बसों व सभी सवारी वाहनों के संचालन की अनुमति दे दी गई  है। बाहरी राज्यों से भी सरकारी व निजी वाहन आवाजाही कर सकेंगे हालांकि उन्हें कोविड-19 महामारी की रोकथाम की एसओपी का पालन करना होगा।

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