एनटीए की लापरवाही से तनाव में आए हजारों छात्र, जानें कैसे…

 

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की लापरवाही से प्रदेश के हजारों इंजीनियरिंग छात्र तनाव में आ गए हैं। एनटीए की ओर से छात्रों की गलत रैंक बताए जाने के बाद डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय ने काउंसलिंग रोक दी है। इसके बाद से छात्र लगातार एकेटीयू से संपर्क कर काउंसलिंग कराए जाने की जानकारी मांग रहे हैं।  वहीं एकेटीयू के अधिकारियों का कहना है छात्रों की रैंक सही अपडेट करने के लिए एनटीए को सूचना भेजी गयी है, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। वहीं एकेटीयू में काउंसिलिंग के लिए पंजीकरण करा चुके 27 हजार से अधिक छात्र व कालेजों में रिपोर्ट कर फीस जमा कर चुके वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा।

एकेटीयू में प्रवेश के लिए लिए हर साल विवि स्तर पर ही परीक्षा कराई जाती रही है। विवि द्वारा ही काउंसिलिंग की प्रक्रिया के तहत रैंकिंग व सीट अलाटमेंट किया जाता रहा। मगर इस बार एकेटीयू में जेईई मेन के जरिए दाखिले की व्यवस्था है, जिसे कराने की जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को सौंपी गई। एनटीए द्वारा दिए गए परीक्षा परिणाम के आधार पर एकेटीयू द्वारा काउंसिलिंग प्रक्रिया आयोजित की गई। जिसमें एनटीए ने गलत रैंक छात्रों की भेजी है।

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