सीतापुर: भ्रष्टाचारी जेई की मदद करने के आरोपी बीडीओ निलंबित

 

भ्रष्टाचार के एक आरोपी आरईएस विभाग के जेई की मदद करने वाले बीडीओ को शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए बीडीओ पूर्व में सीतापुर जिले में तैनात रहे हैं। मौजूदा समय में वह बलिया जिले में तैनात थे। निलबंन की अविधि में उन्हें ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय से सम्बद्ध किया गया है।

दरअसल भ्रष्टाचार के मामले में निलबिंत चल रहे परसेण्डी में तैनात रहे जेई पुष्पेन्द्र वर्मा पर दिसम्बर 2020 में शासन के निर्देश पर सीडीओ द्वारा तत्कालीन बीडीओ राजकुमार को भ्रष्ट्राचार व गबन का मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था। लेकिन बीडीओ ने सीडीओ के आदेशों की अवहेलना ही नहीं की थी बल्कि आरोपी जेई को गोपीनय दस्तावेज भी उपलब्ध कराए थे। यही नहीं बीडीओ ने जेई द्वारा दायर वाद की प्रभावी पैरवी भी नहीं की थी।

मामले में तत्कालीन सीडीओ संदीप कुमार ने पूरे प्रकरण से शासन को अवगत कराते हुए बीडीओ के खिलाफ़ आरोप पत्र भेजा था। मामले में शासन ने जांच कराई थी। जिसमें तत्कालीन बीडीओ आरोपी पाए गए थे। जिसमें तत्कालीन बीडीओ पर शासकीय धन के दुरुपयोग करने वाले कर्मचारी से मिलीभगत कर गोपनीय दस्तावेज को देने का आरोप, एवं पदीय दायित्वों का निर्वहन न करने आरोप सिद्ध हुआ था। जिसके चलते अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने तत्काल प्रभाव से वर्तमान में बलिया जिले में तैनात बीडीओ राजकुमार को निलबिंत करते हुए शासन से सम्बद्ध कर दिया है।

जेई पर लगे थे यह आरोप

विकास खण्ड में तत्कालीन जेई पुष्पेन्द्र वर्मा पर 14वें वित आयोग से 4,69,453 धनराशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगा था। जिसमें बिना कार्य कराए और बिना स्ट्रीट लाईट लगाए भुगतान करा लिया था। जिसकी डीआरडीए बाराबंकी, पीडब्लूडी अवर अभियंता द्वारा जांच की गई थी। जांच में लगे आरोप सही पाए गए थे। इस दौरान अवर अभियंता का तबादला भी कर दिया गया था। जिसके बाद उन्हें निलबिंत कर दिया गया था। निलबंत के बाद तालगांव थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।

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