श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन में अशोक सिंघल के सहयोगी रहे शभ्भू नाथ का निधन

 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्वी उप्र के संगठन मंत्री, रामजन्मभूमि आन्दोलन में स्व.अशोक सिंघल के सहयोगी रह चुके और वर्तमान में विश्व हिंदू परिषद द्वारा संचालित वेद विद्यालयों के प्रमुख शम्भूनाथ का शुक्रवार को प्रातः पीजीआई (लखनऊ) में निधन हो गया।

उनका अंतिम संस्कार प्रयागराज में होगा। 72 वर्षीय शम्भू नाथ का पार्थिव शरीर दर्शनार्थ विहिप के प्रान्तीय कार्यालय केसर भवन पहुंचा है, जहां विहिप कार्यकर्ता, संघ परिवार के साथ ही उन्हें जानने वाले लोग पुष्पाजंलि अर्पित करेंगे। इसके बाद अंतिम संस्कार होगा, मुखाग्नि इनके भतीजे विशाल देंगे। 

 उनके निधन पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने कहा है कि वर्ष 1990 में राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ के समय अयोध्या में स्वर्गीय अशोक सिंहल की छाया बनकर रहे। यहीं से विश्व हिन्दू परिषद कार्य के लिए नेपाल भेजे गए। इसके उपरांत भारत आए और उत्तर प्रदेश वेद पाठशाला तथा धर्माचार्य सम्पर्क का दायित्व संभाला। 

चम्पत राय ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक विश्व हिन्दू परिषद धर्म जागरण न्यास उत्तर प्रदेश के संरक्षक एवं धर्माचार्य सम्पर्क प्रमुख तथा समस्त वेद विद्यालय के प्रभारी 72 वर्षीय शम्भू नाथ का गत रात्रि दो बजे पीजीआई लखनऊ में निधन हो गया। उनका जन्म 25 मार्च 1950 को प्रयाग में हुआ था, पांच भाई और चार बहनों में वे दूसरे नंबर के थे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर किया था। 

वह बाल्यकाल से संघ शाखा जाते थे, मुख्य शिक्षक बने, 1975 आपातकाल में सत्याग्रह किया। नैनी केंद्रीय कारागार में रखा गया। आपातकाल पश्चात संघ प्रचारक बने, टांडा, बलिया में भी उन्होंने कार्य किया। उसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री का दायित्व मिला। बजरंग दल पूर्वी उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय संयोजक रहे। 

उन्होंने बताया कि वर्तमान में वेद विद्यालय के अभिभावक के रूप में तथा धर्म जागरण न्यास उत्तर प्रदेश के संरक्षक, धर्माचार्य सम्पर्क प्रमुख सहित अनेक दायित्वों का निर्वाह कर रहे थे। वाराणसी में नरसिंह मठ के प्रति उनके मन में लगाव था, जिसके कारण वह ज्यादा समय यहीं पर भगवान की आराधना और साधना में दिया करते थे।

धर्म जागरण न्यास, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विजय चौधरी ने बताया कि शम्भू नाथ की तबियत 6 जून को प्रयाग में खराब हुई और उन्हें वहां के हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। हालत गंभीर होने पर वहां के डॉक्टरों की सलाह पर लखनऊ के पीजीआई में स्थानांतरित किया गया। उन्हें कोरोना नहीं था। उनका फेफड़ा और गुर्दा खराब हो चुका था। उनका अंतिम संस्कार आज दिन में लगभग एक बजे दारागंज प्रयागराज स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा। उनका अंतिम दर्शन आज विश्व हिंदू परिषद कार्यालय केसर भवन प्रयाग में होगा। इनकी कोई संतान नहीं है, मुखाग्नि इनके भतीजे विशाल देंगे।

उप मुख्यमंत्री केशव ने अपने फेसबुक पर श्रद्धाजंलि संदेश में लिखा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और विहिप के श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन सहित अनेकानेक जिम्मेदारियों को कुशलता पूर्वक निभाने वाले लोकतंत्र सेनानी शम्भू जी अनन्त यात्रा पर चले गये। पुण्यात्मा को प्रभु श्रीचरणों में स्थान दें।

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