मुख्तार के करीबी राजन सिंह का वर्चस्व समाप्त, बृजेश सिंह ने दी करारी शिकस्त

 

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मुख्तार अंसारी की राजनीतिक विरासत ढेर हो गई है। पिछले 20 वर्षों से ग्राम प्रधान के पद पर काबिज रहने वाले मुख्तार के करीबी राजन सिंह को इस बार के चुनाव में हार मिली है। परदहा ब्लॉक के खड़गजेपुर गांव ग्रामसभा से बृजेश सिंह बागी ने उन्हें हराया है। मुख्तार अंसारी गिरोह आईएस 191 के सक्रिय सदस्य राजन सिंह को हराकर प्रधानी सीट पर बृजेश सिंह बागी ने कब्जा जमा लिया। राजन सिंह का पिछले 20 सालों से वर्चस्व कायम था।

राजन सिंह और उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ मुख्तार अंसारी की गैंग के सक्रिय सदस्य के लिए काम करने वाले त्रिदेव कंस्ट्रक्शन के संचालक व सहयोगी पर संपत्ति (कई करोड़ों की) कुर्की के साथ कई मुकदमें दर्ज हैं। उनके दहशत के कारण ग्रामीण एक तरफा वोट करते थे। इसी वजह से 20 वर्षों से उन्हीं के घरों में प्रधान की सीट रहती थी। लेकिन इस बार के चुनाव में उसी गांव से बृजेश सिंह बागी ने उनके खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे। राजन सिंह के आतंक से आजिज होकर ग्रामीणों ने बृजेश सिंह के पक्ष में मतदान किया और वह विजयी हुए।

बृजेश सिंह का कहना है कि विकास के नाम पर पिछले 20 वर्षों से गांव में एक भी काम नहीं हुआ। हमें जनता ने विकास के नाम पर चुना है और उनके विश्वास को कायम रखूंगा। उन्होंने आगे कहा कि अब मुख्तार का दबदबा हमारे गांव में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश से खत्म होता दिख रहा है। इसका नतीजा है कि हमने पंचायत चुनाव में उनके करीबी को हराकर जीत हासिल की है। आईएस 191 के सदस्य राजन सिंह के खिलाफ चुनाव जीतकर माफिया राज खत्म होने का संकेत है।

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