पुलिस मुठभेड़ में इनामी बदमाश दीपक वर्मा ढेर, पार्षद शिवसेठ की हत्या में रहा शामिल

 

स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की वाराणसी इकाई ने सोमवार को चैबेपुर क्षेत्र के बरियासनपुर गांव के समीप एक लाख के इनामी फरार बदमाश दीपक वर्मा उर्फ गुड्डू को मुठभेड़ में मार गिराया। इस दौरान उसका एक साथी मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। सूचना पर पुलिस के अफसर भी मौके पर पहुंच गये।

एसटीएफ की वाराणसी इकाई इनामी फरार बदमाशों की टोह में लगातार लगी हुई थी। दोपहर में एसटीएफ के डिप्टी एसपी शैलेश प्रताप सिंह को सूचना मिली कि इनामी बदमाश दीपक वर्मा अपने साथी के साथ बरियासनपुर गांव में मौजूद है। पुलिस टीम ने बारिश के बीच त्वरित कार्यवाही कर मोटरसाइकिल से आ रहे इनामी बदमाश को गांव के पास घेर लिया। पुलिस टीम को देख दीपक और उसके साथी ने धुआंधार फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने भी जबाब में गोलिया बरसाई । पुलिस की गोली इनामी दीपक को लगी तो वह चीखकर मोटरसाइकिल से गिर पड़ा। यह देख दीपक का साथी मौके से भाग निकला। पुलिस टीम ने तत्काल खून से लथपथ घायल बदमाश को कबीरचैरा स्थित मंडलीय अस्पताल में पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत बदमाश की शिनाख्त लक्सा नई बस्ती रामापुरा निवासी दीपक वर्मा के रूप में हुई।

मुठभेड़ में मारे गये बदमाश के ऊपर वाराणसी के चेतगंज, सिगरा, लक्सा, भेलूपुर, लोहता, मंडुवाडीह, सारनाथ, कैंट, रोहनिया के साथ इलाहाबाद नैनी में कुल 23 आपराधिक मुकदमे दर्ज रहे। पुलिस 2015 से उसे तलाश कर रही थी। दीपक वर्मा लक्सा पार्षद शिव सेठ की हत्या में भी शामिल था। पुलिस अफसरों के अनुसार लक्सा थाना क्षेत्र का रहने वाला दीपक वर्मा बेहद शातिर बदमाश था। कैंट थाना में गैंगस्टर में निरुद्ध था। जमानत पर रिहा होने के बाद फरार हो गया था। दीपक रईस गिरोह से भी बहुत दिनों तक जुड़ा रहा। धुआंधार अंदाज में गोली चलाने में माहिर रहे मृत बदमाश की चोरी से अपराधिक सफर की शुरुआत हुई। बाद में लूट, हत्या, रंगदारी मांगने आदि घटनाओं में भी शामिल रहा। मृत बदमाश के परिवार में मां सुमन, भाई मुन्ना, बहन दीपमाला, चाचा रविन्द्र है।

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