मायावती का ‘मिशन ब्राह्मण’ शुरू, सतीश मिश्रा लड़ेंगे खुशी दुबे का केस

 

विधानसभा चुनाव से पहले मायावती का ‘मिशन ब्राह्मण’ शुरू हो गया है। 23 जुलाई को इस मिशन के तहत पहला आयोजन होना है। मिशन ब्राह्मण के तहत पार्टी 17 साल की खुशी दुबे के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी।

खुशी दुबे उस अमर दुबे की पत्नी है, जो बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे का भतीजा था। अमर दुबे को भी पुलिस ने एनकांटर में मार दिया था।

बसपा के पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने बताया कि पार्टी के ब्राह्मण चेहरे और वरिष्ठ वकील सतीश मिश्रा, अमर की पत्नी खुशी दुबे की रिहाई की मांग करेंगे। खुशी एक साल से बाराबंकी के एक किशोर केंद्र में बंद है।

कड़ी धाराओं में पुलिस ने दर्ज किया है केस

खुशी पर हत्या और आपराधिक साजिश सहित आईपीसी की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसके परिवार ने कानपुर देहात की एक विशेष अदालत के समक्ष एक हलफनामे में दावा किया था कि उसे एक किशोर के रूप में माना जाना चाहिए।

घटना से तीन दिन पहले हुई थी शादी

खुशी के वकील ने भी दलील दी थी कि बिकरू में हुए नरसंहार से ठीक तीन दिन पहले अमर से उसकी शादी हुई थी इसलिए साजिश में उसकी कोई भूमिका नहीं थी, लेकिन खुशी को अब तक जमानत से वंचित रखा गया है।

नाबालिग होने के बावजूद नहीं छोड़ा गया

खुशी 8 जुलाई से जेल में है, जब उसके पति अमर और गैंगस्टर विकास दुबे के एक शार्पशूटर को यूपी एसटीएफ ने हमीरपुर में एक मुठभेड़ के दौरान गोली मार दी थी। खुशी के वकील शिवकांत दीक्षित ने कहा कि ‘किशोर न्याय बोर्ड की इस पुष्टि के बावजूद कि वह नाबालिग है, उसे जमानत नहीं मिली है। मैं उनका केस लड़ने के लिए बसपा नेतृत्व के कदम का स्वागत करता हूं।’

सतीश मिश्रा लड़ेंगे खुशी का केस

23 जुलाई को ब्राह्मण सम्मेलन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने अयोध्या पहुंचे नकुल दुबे ने बसपा कैडर को संबोधित करते हुए कहा कि वरिष्ठ वकील और बसपा महासचिव सतीश मिश्रा खुशी का केस लड़ेंगे और उसकी रिहाई की मांग करेंगे।

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