सपा कार्यालय में भीड़ जुटने पर चुनाव आयोग हुआ सख्त, थाना प्रभारी निलंबित

 

 चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में चुनाव आचार संहिता के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के लखनऊ स्थित मुख्यालय में शुक्रवार को बिना अनुमति के काफी अधिक संख्या में भीड़ एकत्र कर सभा आयोजित करने के मामले में सख्ती बरतते हुए संबद्ध पुलिस थाने के प्रभारी को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया।

चुनाव आयोग की ओर से देर रात जारी बयान के अनुसार आयोग द्वारा कोविड महामारी के परिप्रेक्ष्य में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई करते हुये गौतमपल्ली के थाना प्रभारी दिनेश सिंह विष्ट को दायित्व के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में तमाम विधायकों और पूर्व विधायकों ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ग्रहण करने के लिये आयोजित वर्चुअल रैली में दो से ढाई हजार लोग एकत्र हुए। हालांकि इस पर संज्ञान लेते हुये गौतमपल्ली थाना पुलिस ने दो से ढाई हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून के उल्लंघन का मामला देर शाम दर्ज कर लिया।

इसके बाद लखनऊ के जिलाधिकारी और लखनऊ के पुलिस आयुक्त ने गौतमपल्ली थाने का दौरा कर पुलिस द्वारा इस मामले में की गयी कार्रवाई की समीक्षा की।

जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी गौतमपल्ली, विष्ट को कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिये गए हैं।

आयोग के अधिकारियों का मानना है कि सपा मुख्यालय से बिल्कुल करीब स्थित गौतमपल्ली पुलिस थाने के अधिकारियों को आयोजन के समय ही तत्काल कार्रवाई करते हुये भीड़ एकत्र होने से रोकना चाहिये था।

आयोग ने इस मामले में सहायक पुलिस आयुक्त अखिलेश सिंह एवं लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग आफिसर गोविन्द मौर्य से शनिवार को दिन में 11.00 बजे तक इस मामले में स्पष्टीकरण देने का भी निर्देश जारी किया है।

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