इटावा में 15 साल से फरार इनामी हत्यारोपी मुठभेड़ में गिरफतार

 
उत्तर प्रदेश में इटावा जिले के इकदिल इलाके में 15 साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. बृजेश सिंह ने आज यहां यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बुधवार रात मुखबिर की सूचना पर इकदिल पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने सूचना पर बदमाश को घेर लिया।

खुद को घिरा देख उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी।

पुलिस की जवाबी फायरिंग में इनामी बदमाश गोपाल प्रसाद घायल हो गया,जिसे गिरफ्तार कर लिया।

उसके पास से असलहा बरामद किया गया।

उन्होंने बताया कि अपराधी अपने भाई के नाम से चालक बन कर जिंदगी बसर कर रहा था।

घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है ।

उन्होने बताया कि यह बदमाश अपने गिरोह के आठ अपराधियो की मदद से साल 2006 मे 22 मई को इकदिल इलाके के पचदेवरा नहर पुल के पास आलू से भरे हुए ट्रक को लूटने के बाद उसमें बैठे कानपुर देहात के डेरापुर निवासी डिप्टी सिंह नायक 40 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी थी ।

इस वारदात के बाद पुलिस ने इस हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए सात आरोपियो को गिरफतार कर लिया था लेकिन यह अपराधी फरार हो गया था।

इस अपराधी पर वर्ष 2015 में 15 हजार का इनाम घोषित किया गया लेकिन इसका कोई सुराग नहीं लग सका अभी पंचायत चुनाव के लिहाज से चलाये गये अभियान की कडी में इस अपराधी पर इनाम की राशि बढ़ाकर 25000 घोषित कर दिया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गोपाल नामक यह अपराधी अपने भाई राजवीर के नाम से आधार कार्ड बना कर जिंदगी बसर रहा था कभी दिल्ली तो कभी बिहार ट्रक लेकर जाता था ।

चूकि किसी को इसकी असल पहचान के बारे मे पता नहीं था इसलिए इस पर किसी को शक भी नहीं हुआ ।

उन्होंने बताया कि गोपाल ने अपने पहचान छुपाई हुई है इसलिए इस पर घोखाघडी की धारा का एक और मामला अलग से दर्ज किया जायेगा ।

उन्होंने बताया कि इनामी अपराधी से मुठभेड़ इटावा के पुलिस उपाधीक्षक राजीव प्रताप सिंह की अगुवाई में हुई है ।

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