यूपी चुनाव में ब्राह्मण नेता को अपना चेहरा बना सकती है कांग्रेस!

 

यूपी चुनाव में कांग्रेस अपने सीएम पद के चेहरे के तौर पर ब्राह्मण नेता पर दांव लगा सकती है। इस लिहाज से पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला और भाजपा में बड़े पद पर रहे एक नेता के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस बार कांग्रेस ने पूरी तैयारी के साथ विधानसभा चुनाव में उतरने की रणनीति बनाई है। इसलिए ‘चेहरा’ देने में वह पीछे नहीं रहना चाहती। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के यूपी का प्रभारी बनाए जाने के बाद से पार्टी किसी न किसी मुद्दे को लेकर लगातार चर्चा में है। खासकर कानून-व्यवस्था, उत्पीड़न और किसानों के मुद्दों पर या तो लगातार आंदोलन कर रही है या चल रहे आंदोलनों में सक्रिय भूमिका में है। सार्वजनिक मंच से पार्टी भले ही सर्व समाज की बात करती हो, पर उसके नेता स्वीकार करते हैं कि अपना आधार वोट बनाने की पुख्ता रणनीति भी बनाई गई है।

प्रदेश में 80 के दशक तक अधिकांश समय कांग्रेस की ही सरकारें रहीं। इस दौरान उसने छह मुख्यमंत्री ब्राह्मण जाति से दिए। अपने जमीनी छोटे-छोटे अभियानों में कांग्रेस के नेता इसका प्रचार करने से भी नहीं चूकते, ताकि ब्राह्मण मतदाताओं के बीच फिर से अपनी पैठ बना सकें। यूपी में वर्तमान में ब्राह्मणों की अनुमानित संख्या 10-12 फीसदी है। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पार्टी ने विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण नेता को सीएम चेहरे के रूप में पेश करने की अंदर ही अंदर योजना बना ली है।

कांग्रेस के रणनीतिकार बताते हैं कि ब्राह्मणों के मुद्दे भी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। हमारे पास जो ब्राह्मण नेता हैं, चेहरे के तौर पर वर्तमान में वही विकल्प हमारे सामने हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला समेत कई ब्राह्मण नेताओं के नाम पर विचार चल रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की राय अहम होगी। राजीव शुक्ला इस संकट के दौर में भी पार्टी के मजबूत मददगार माने जाते हैं। उनके कद का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि ट्विटर पर उन्हें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ही नहीं, पीएमओ भी फॉलो करता है।

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