सर्द हवाओं ने बढ़ायी ठिठुरन

 

लगातार कई दिनों तक हुई बारिश के बाद से मौसम में ऐसा बदलाव आया कि सर्द हवाएं कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। यह सर्द हवाएं लोगों के हाथ पैर सुन्न कर रही हैं। खासकर बुजुर्ग इस सर्द भरी हवाओं से सबसे अधिक परेशान हैं और अलाव लोगों के लिए सहारा बने हुए हैं। इन सर्द हवाओं के चलने से अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस गिर गया, जिससे दिन में भी लोगों को कुल्लू मनाली जैसी सर्दी लग रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अभी एक सप्ताह तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. एसएन सुनील पाण्डेय ने बताया कि आमतौर पर मकर संक्रांति पर्व के बाद सर्दी ढलने लगती है और तापमान भी बढ़ने लगता है। लेकिन इस सीजन में बीते दिनों हुई बारिश के बाद अरब सागर से नम हवाएं आना शुरु हुईं। इन हवाओं के खत्म होने के बाद पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में जबरदस्त पड़ रहा है। अब सुबह-शाम ओस और गलन के साथ कड़ाके की सर्दी पड़ना शुरू हो गई है। शनिवार की सुबह कोहरे की चादर ओढ़कर आई और सर्द हवाओं से लोगों के हाथ-पैर सुन्न होने शुरू हो गए। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आएगी। तापमान कम होने पर पाला गिरने की भी आशंका रहेगी। इसके साथ ही धूप खिलने के कारण दिन के तापमान में थोड़ी बढ़ोत्तरी हो सकती है, लेकिन देर रात और तड़के तापमान में कमी आएगी।

उत्तर पूर्व राजस्थान और दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मिलकर एक परिसंचरण बना रहे हैं। इसके चलते उत्तर पश्चिम से आ रही बर्फीली हवाएं ठिठुरन बढ़ा रही हैं। शनिवार को अधिकतम तापमान 17.8 और न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम 92 प्रतिशत और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता न्यूनतम 78 प्रतिशत रही। हवा की दिशाएं उत्तर पश्चिमी रही जिनकी रफ्तार 3.6 किमी प्रति घंटा रही। इस सप्ताह मध्य उत्तर प्रदेश के ब्लॉक एवं जिला स्तर पर आसमान साफ रहने के कारण बारिश की कोई संभावना नहीं है। तथा इस सप्ताह शीत लहर का प्रकोप जारी रहेगा।

From around the web