सीएम योगी ने बाबा गोरखनाथ को चढ़ाई श्रद्धा की खिचड़ी, शुभकामनाओं के साथ ही किया आगाह

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में शिव अवतारी भगवान बाबा गोरखनाथ को श्रद्धा की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए श्रद्धालुओं को आगाह भी किया। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों से आए श्रद्धालु आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ा रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त में 4 बजे मंदिर के कपाट खुले हैं।

लोक आस्था के महापर्व 'मकर संक्रांति' (खिचड़ी) की सभी प्रदेशवासियों व श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई।

भगवान दिवाकर की कृपा से सभी के जीवन में उमंग, उत्साह, आरोग्यता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।

भारतीय संस्कृति की जीवंतता को दर्शाता यह पर्व सम्पूर्ण सृष्टि के लिए मंगलकारी हो। PIC.TWITTER.COM/INJMUP8H7A

— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 14, 2022

उन्होंने कहा कि बाबा गोरखनाथ को पवित्र खिचड़ी चढ़ाने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है। कल और आज लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन आकर भगवान गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ा रहे हैं। हम सब ये भी जानते हैं कि भारत की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परम्परा में मकर संक्रांति पर्व का अपना महत्व है। जगत पिता सूर्य की उपासना से जुड़ा यह पर्व उत्तर हो या दक्षिण, पूर्व हो या पश्चिम, अलग अलग नाम और रूपों में मनाया जाता है। बड़ी श्रद्धा एवं भाव के साथ लोग इस पर्व एवं त्योहार से जुड़े होते हैं। खासतौर पर इस मकर संक्रांति के पर्व से शुभ कार्य का आरंभ भी होता है।

कोरोना से भी श्रद्धालुओं को किया आगाह
खिचड़ी चढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें आस्था के साथ वर्तमान समय में कोरोना महामारी को भी देखना है। सावधानी व सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। यह इस सदी की महामारी से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। सार्वजनिक स्थान पर हम मास्क जरूर लगाएं। बीमार और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के लोग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं बुजुर्ग भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। घर में भी मास्क पहनें। उन्होंने कहा कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवा लें। 60 साल की उम्र के लोग और कोरोना वारियर्स प्रीकॉसन डोज भी ले लें। टीकाकरण ही इसकी सुरक्षा का एक मात्र उपाय है। हर व्यक्ति वैक्सीन जरूर ले। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि गुमराह एवं भ्रांति पैदा करने वाले कुतर्क में न पड़ कर वैक्सीन जरूर लगाएं। लोग स्वयं के स्वास्थ्य के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य पर भी आस्था को हाबी होने देते हैं, जिसकी कीमत एक बड़े तबके को उठानी पड़ती है। कोरोना की यह तीसरी लहर दूसरी वेब की अपेक्षा खतरानाक नहीं है। 99 फीसदी लोग घर में ही ठीक हो जाते हैं लेकिन हमें फिर भी सतर्कता एवं सावधानी बरतनी होगी।

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