अखिलेश यादव आज कानपुर से फूंकेंगे चुनावी बिगुल, विजय रथ में सवार होकर BJP के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा 

 

समाजवादी पार्टी (एसपी) अध्यक्ष व यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव आज (12 अक्टूबर) कानपुर जिले से चुनावी बिगुल फूंकेंगे। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव करीब 11 बजे कानपुर के जाजमऊ से 'विजय यात्रा' की शुरूआत करेंगे। अखिलेश की यह यात्रा कानपुर से शुरू होगी और हमीरपुर समेत चार जिलों में घूमते हुए कानपुर देहात में समाप्त होगी। यात्रा के दौरान अखिलेश यादव कानपुर से बुंदेलखंड तक संवाद स्थापित करेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय लाठर ने बताया कि विजय यात्रा दो दिन में करीब 190 किलो मीटर की दूरी तय करेगी। चुनावी रणनीति के तहत समाजवादी पार्टी (एसपी) ने यात्रा की शुरूआत करने के लिए कानपुर जिले को चुना है। दरअसल, कानपुर-बुंदेलखंड बीजेपी का सबसे मजबूत गढ़ा है। 

बीजेपी के इस मजबूत गढ़ में सेंधमारी करने के लिए अखिलेश यादव आज कानपुर जिले से विजय यात्रा की शुरूआत कर रहे हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के अंदर करीब चार महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावों को लेकर सत्ताधारी पार्टी बीजेपी समेत सभी राजनीतिक पार्टियों ने जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी है। तो वहीं, समाजवादी पार्टी (एसपी) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चाचा और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के साथ गठबंधन को लेकर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।

वहीं, प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी आज 12 अक्टूबर से 'सामाजिक परिवर्तन रथयात्रा' निकाल रहे है। यूपी चुनावों को देखते हुए चाचा-भतीजे की यात्रा बहुत काफी अहम मानी जा रही है। हालांकि, इन यात्राओं से किसे कितना फायदा होगा यह तो चुनावी ही तय करेगा। लेकिन दोनों ही नेता उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले जनता का समर्थन जुटाने में लगे है। तो वहीं, अखिलेश यादव के कानपुर पहुंचने से पहले कार्यकर्ताओं व पार्टी नेताओं ने पूरे शहर को होर्डिंगों से पाट दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय लाठर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि विजय रथ यात्रा के जरिये गंगा-जमुनी तहजीब को सामने लाया जाएगा। यात्रा कानपुर नगर, कानपुर देहात, जालौन और हमीरपुर में रहेगी। यह यात्रा पूरे यूपी में अलग-अलग जगहों पर जाएगी। 

 कानपुर-बुंदेलखंड बीजेपी का सबसे मजबूत किया है। 2017 के विधानसभा चुनावों में कानपुर-बुंदेलखंड की 52 विधानसभा सीटों में से 47 सीटों पर कमल खिला था। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में 10 लोकसभा सीटों पर कमल ही खिला था। ऐसे में बीजेपी के इस गढ़ में सेंधमारी जरूरी है। शायद इस बात को अखिलेश भी जानते हैं कि 2022 में सरकार बनानी है तो कानपुर-बुंदेलखंड के किले को जीनता पड़ेगा।

From around the web