30 सिंतबर के बाद बिना एचएसआरपी के चलने वाले व्यावसायिक वाहनों का कटेगा चालान

 

परिवहन विभाग राजधानी लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट (एचएसआरपी) के चलने वाले व्यावसायिक वाहनों पर 30 सितम्बर के बाद कार्रवाई कर सकता है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। राजधानी लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट लगवाने की गति बहुत धीमी रफ्तार से चल रही है। ऐसे में परिवहन विभाग अब बिना एचएसआरपी के चलने वाले व्यावसायिक वाहनों पर 30 सितम्बर के बाद कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल व्यावसायिक वाहनों में एचएसआरपी लगवाने की अंतिम तारीख 30 सितम्बर है।

परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने व्यावसायिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट लगवाने का आदेश पहले ही जारी कर दिया है। फिर भी अब तक 10 से 15 प्रतिशत व्यावसायिक वाहनों में ही एचएसआरपी लगी है। इसके पहले प्रदेश में दो पहिया, चार पहिया व्यावसायिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट लगवाए जाने की तारीख 15 जुलाई थी। कोविड-19 के चलते परिवहन विभाग ने एचएसआरपी लगवाए जाने की समय सीमा बढ़ाकर 30 सितम्बर तक कर दी है। अब चालान और जुर्माने से बचने के लिए 30 सितम्बर तक व्यावसायिक वाहनों में एचएसआरपी लगवाना जरूरी है। बिना एचएसआरपी लगवाए वाहन चलाए जाने पर वाहन मालिकों को जुर्माना देना पड़ सकता है। मोटर व्हीकल एक्ट में बिना नम्बर प्लेट के वाहन चलाने पर करीब पांच हजार रुपये का जुर्माना है।

अपर परिवहन आयुक्त देवेंद्र कुमार का कहना है कि व्यावसायिक वाहनों में एचएसआरपी लगवाने की तारीख में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है। अब तक 10 से 15 प्रतिशत व्यावसायिक वाहनों में ही हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट लगी है। निर्धारित तिथि तक एचएसआरपी नहीं लगवाने पर व्यावसायिक वाहन मालिकों को चालान और जुर्माने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।

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