रेमडेसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी में दो गिरफ्तार

 

मध्यप्रदेश की बड़वानी कोतवाली पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में आज एक निजी अस्पताल के फार्मासिस्ट समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक निमिष अग्रवाल ने बताया कि राजपुर निवासी राहुल बडगूजर तथा उसके सहयोगी विनय रजक के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

उनके पास से एक रेमडेसिविर इंजेक्शन भी बरामद किया गया है।

उन्होंने बताया कि राहुल बड़वानी के गुरु पद अस्पताल में फार्मासिस्ट है तथा मेडिकल स्टोर में सेल्समैन का काम भी करता है।

उन्होंने बताया कि दरअसल 29 अप्रैल को वहां भर्ती एक मरीज के लिए 2 इंजेक्शन कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त हुए थे।

उनमें से एक इंजेक्शन बचे रहने पर उसे वापस जमा नहीं कराया गया और 25000 रु में बेचा जा रहा था।

उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर एक पुलिस आरक्षक को ग्राहक बनाकर भेज भेजा गया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल द्वारा इंजेक्शन का रिकॉर्ड भी संधारित नहीं किया जा रहा था।

इससे संभावना है कि इस तरह की गतिविधियां पूर्व से चल रही थी।

उन्होंने बताया कि इस तरह की सूचनाएं प्राप्त हो रही है कि कुछ लोगों ने अपने घरों में रेमेडे सिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडर का स्टॉक भी कर रखा है ,पुष्टि होने पर वहां दबिश दी जाएगी।

दोनों आरोपियों को आज न्यायालय के समक्ष पेश कर 1 दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।

उल्लेखनीय है कि 30 अप्रैल को पड़ोसी जिले खरगोन में भी रेमडे सिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में एक शासकीय अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

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