गांजा, बमों में इस्तेमाल किये गए केमिकल और जहर की बिक्री -क्या यही ई-कॉमर्स है

 

देश के ई कॉमर्स व्यापार में पिछले दिनों की कुछ घटनाओं के मद्देनज? जिसमें अमरीकी कम्पनी अमेज? ने अपने पोर्टल के जरिये अवैध तरीके से गांजा की बिक्री को सुलभ किया है एवं देश के सुरक्षा बलों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले बमों को बनने में प्रतिबंधित केमिकल सहित अन्य सामान की बिक्री की है, उससे देश का ई-कॉमर्स व्यापार बेहद दूषित हो गया है जिसके खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद करते हुए कॉन्फेडरेशन आॅफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने देश के 500 से अधिक जिलों के  1200 से अधिक शहरों में प्रचंड विरोध धरना एवं प्रदर्शन कर देश के व्यापारियों का रोष और आक्रोश प्रदर्शित किया और अमेज? को चेतावनी देते हुए कहा की या तो वो अपने व्यापारिक मॉडल को कानून एवं नियमों के अनुरूप कर ले अन्यथा भारत से अपना बोरिया बिस्तर बाँधने की तैयारी कर ले। अब ई-कॉमर्स व्यापार में और अधिक कानून एवं नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कैट ने कहा है की यदि इस मामले में तुरंत कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो देश के व्यापारी भारत व्यापार बंद कर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। कैट ने कहा की गांजा बेचने का शौक अमेज? का पुराना है क्योंकि अमरीकी सरकार से अमेज? ने गांजा बेचने को अधिकृत करने की मांग की हुई है।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने बताया आज छत्तीसगढ सहित देश के कोने-कोने में आयोजित धरनों ने यह सिद्ध कर दिया की बड़ी विदेशी ई-कामर्स कम्पनियों के मोनोपॉली व्यापार मॉडल के खिलाफ अब देश भर का व्यापारी लामबंद हो चुका है और इन कम्पनियों द्वारा किए जा रहे कानून एवं नियमों के उल्लंघन को और अधिक बर्दाश्त नहीं करेगा। पारवानी एवं दोशी ने बताया कि इसी कड़ी में कैट सी.जी. चैप्टर के रायपुर, अम्बिकापुर, मनेन्द्रगढ, बिलासपुर, रायगढ़, चांपा, कोरबा, भाटापारा, तिल्दा, दुर्ग, राजनांदगांव, भिलाई, धमतरी, कांकेर, सराईपाली, बसना, अभनपुर, महासंमुद, सहित अन्य सभी ईकाइयों में धरना प्रदर्शन कर केन्द्र सरकार द्वारा टेक्सटाईल एवं फुटवियर में जीएसटी की दर को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किये जाने के विरोध में जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नाम से ज्ञापन सौंपा गया।

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