बंद के अंतिम दिन नक्सलियों का तांडव, नवनिर्मित थाने को बम से उड़ाया

 

झारखंड में माओवादी नक्सलियों ने गुमला के कुरुमगढ़ थाने के नवनिर्मित भवन के एक हिस्से को बस से उड़ा दिया। हालांकि गनीमत ये रही कि इस भवन में थाना अभी शिफ्ट नहीं हुआ था जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है। पुलिस शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंची है। बता दें कि नक्सलियों ने अपने शीर्ष नेता प्रशांत बोस एवं उनकी पत्नी शीला मरांडी की गिरफ्तारी के खिलाफ 22 से 25 नवंबर तक चार राज्यों में बंद बुलाया था। बंद के आखिरी दिन उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है।

भारी संख्या में थे नक्सली

माओवादियों ने भवन के पास एक पर्चा भी छोड़ा है, जिसमें लिखा गया है कि पोलित ब्यूरो सदस्य किशन दा और नारी मुक्ति संघ की नेत्री शीला दी सहित अन्य साथियों की गिरफ्तारी के विरोध में यह प्रतिशोधात्म क कार्रवाई की गयी है। बताया गया है कि गुरुवार की देर रात 50-60 की संख्या में नक्सली यहां पहुंचे थे। इसके पहले 20 नवंबर को भी नक्सलियों द्वारा बुलाये गये बंद के दौरान बरकाकाना-लातेहार रेलखंड और टाटा-चक्रधरपुर रेलखंड में कुछ रेल पटरियां उड़ा दी गयी थीं।

पुलिस और अर्धसैनिक बलों की सतर्कता और चौकसी से नक्सलियों के चार दिनों के बंद का चाईबासा, गुमला, लोहरदगा, पलामू सहित कुछ जिलों के ग्रामीण इलाकों को छोड़ बाकी जगहों पर कोई असर नहीं दिखा। लंबी दूरी की बसें कम संख्या में चलीं। सीसीएल की मगध और आम्रपाली परियोजनाओं में कोयला उत्पादन और ट्रांसपोटिर्ंग भी प्रभावित हुई।

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