मध्य प्रदेश ने स्थापित किया देश में सबसे सस्ती सौर ऊर्जा का कीर्तिमान

 

मध्य प्रदेश ने देश में सबसे सस्ती सौर ऊर्जा का कीर्तिमान स्थापित किया है। मात्र एक हफ्ते पहले आगर सौर ऊर्जा प्लांट परियोजना के लिये प्रदेश की सबसे कम बिड 2.444 और 2.459 रुपये प्रति यूनिट प्राप्त करने के बाद सोमवार को शाजापुर सोलर प्लांट के लिये निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया। सुबह 11 बजे शुरू हुई बिडिंग ने कुछ ही घंटे में देश में महाराष्ट्र के सबसे कम टैरिफ 2.42 और 2.43 रुपये प्रति यूनिट को पार कर लिया।

प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि दो रुपये 70 पैसे से दो रुपये 78 पैसे प्रति यूनिट के बेस टैरिफ पर शुरू हुई ऑनलाइन बिडिंग प्रक्रिया शाम 6 बजे तक शाजापुर सोलर प्लांट की पहली इकाई के लिये 2.37 रुपये, दूसरी 2.38 रुपये और तीसरी ऐतिहासिक टैरिफ 2.36 रुपये प्रति यूनिट पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशकों का मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा स्थापना में विश्वास बढ़ा है।

मंत्री हरदीप सिंह डंग ने बताया कि निवेशकों के मध्यप्रदेश में बढ़ते रुझान का कारण उनको दी जाने वाली सुविधाएं, समय पर शत-प्रतिशत भुगतान, भूमि की आसान उपलब्धता आदि हैं। निवेशकों के लिये भूमि का उपार्जन शासन द्वारा पहले ही पूरा कर लिया गया है। सोलर प्लांट बंजर और बेकार शासकीय भूमि पर स्थापित किये जा रहे हैं, किसानों की उपजाऊ भूमि नहीं ली गई है।

उन्होंने कहा कि नवीन स्थापित होने वाले प्लांटों से सस्ती सौर ऊर्जा मिलने से आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश और भारत के लक्ष्य पूर्ति को सुदृढ़ता मिलेगी। 1500 मेगावॉट की आगर-शाजापुर-नीमच सोलर परियोजना से भारतीय रेल को ऊर्जा प्रदाय की जायेगी। भविष्य में सस्ती ऊर्जा का लाभ प्रदेश, देश और आम उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।

मंत्री डंग ने बताया कि शाजापुर जिले में 1800 करोड़ रुपये के निजी निवेश से कुल 450 मेगावॉट की 3 यूनिट (105, 220 और 125 मेगावॉट) स्थापित की जाएंगी। इन परियोजनाओं की विशेषता यह है कि इनमें शासकीय धन का निवेश नहीं होगा, जो अन्य विकास और कल्याणकारी कार्यों में काम आ सकेगा। लगभग 900 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित होने वाली परियोजना की स्थापना के दौरान 4 हजार 500 और संचालन में 450 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। परियोजना से मार्च-2023 में विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित है। रिवर्स बिडिंग में न्यूनतम टैरिफ के आधार पर चुनी गई 13 कम्पनियां- टाटा पावर, रि-न्यू पावर, बीमपाव एनर्जी, एनटीपीसी, अयाना रिन्युएबल पावर, टोरेंट पावर, एसजेवीएम लिमिटेड, अज्यूर पावर, अल्जोमेह एनर्जी, एक्मे सोलर, स्प्रिंग ओजस, टेल्टुआई सोलर और अवाड़ा एनर्जी भाग ले रही हैं।

ऐतिहासिक उपलब्धि के लिये अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना

मंत्री डंग ने कहा कि सोलर पावर के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में लगातार बुलंदियां छू रहा है। इसमें नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का सराहनीय योगदान है। बिडिंग के दौरान विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे, प्रबंध संचालक ऊर्जा विकास निगम दीपक सक्सेना भी उपस्थित थे।

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