लखनऊ में ऑक्सीजन की समस्या बरकरार, कई दिनों तक करना पड़ रहा इंतजार

 

राजधानी लखनऊ में ऑक्सीजन की किल्लत खत्म नहीं हो रही है। ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाने के लिए मरीज के तीमारदारों को कई दिनों तक लाइन में लगना पड़ रहा है। यह आलम तब है जब ट्रेन से टैंकर के जरिए दूसरे प्रदेशों से लगातार ऑक्सीजन आ रही है, बावजूद इसके शहर के ऑक्सीजन रीफिलिंग सेंटरों पर ऑक्सीजन न मिल पाने की समस्या बरकरार है।

देवा रोड स्थित केटी वेल्डिंग ऑक्सीजन प्लांट पर ऑक्सीजन लेने के लिए लोग तीन-तीन दिनों से लाइन लगाए हुए हैं। राजधानी ही नहीं गोरखपुर और बाराबंकी समेत अन्य जनपदों से भी लोग यहां पर ऑक्सीजन के लिए लाइन में लगे हुए हैं। लोगों का कहना है कि ऑक्सीजन लेने के लिए तीन दिनों से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक यह पता नहीं है कि ऑक्सीजन कब मिल पाएगी। वहीं तेज धूप और गर्मी से परेशान लोग पेड़ की छांव में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

तीन दिन से कर रहे ऑक्सीजन का इंतजार

दरअसल, इस सेंटर पर बीते तीन दिन से ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है। लोगों ने बताया कि रविवार को एक टैंकर यहां पर आया भी तो उसे सीतापुर रोड स्थित किसी अन्य रीफिलिंग सेंटर पर भेज दिया गया। जिसके बाद से टैंकर आने का इंतजार हो रहा है।


कतार में लगे ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले वाहन

राजधानी के निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले एक दर्जन वाहन भी लाइन में लगे हुए हैं। वाहन चालकों ने बताया कि बीते दो दिनों से ऑक्सीजन लेने की लाइन में लगे हुए हैं। ऑक्सीजन कब मिल पाएगी, इसके बारे में कोई बता भी नहीं रहा है। ऐसे में अब इंतजार के सिवाय कोई चारा नहीं है।

आखिर कहां जा रही टैंकर से आ रही ऑक्सीजन

बीते तीन दिनों से ऑक्सीजन के लिए लाइन में लगे लोगों का यह भी कहना है कि जब लगातार ऑक्सीजन टैंकर दूसरे प्रदेशों से आ रहे हैं तो फिर क्यों किल्लत बनी हुई है। आखिर टैंकर से आ रही ऑक्सीजन कहां जा रही है। जब राजधानी के रिफिलिंग सेंटर पर ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहे हैं तो अन्य जनपदों में हालात क्या होंगे, यह कहने की जरूरत नहीं है।

सोचा नहीं था ऐसा भी समय आएगा

केटी वेल्डिंग ऑक्सीजन प्लांट पर एक दर्जन पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगायी गयी है। ड्यूटीरत पुलिस कर्मियों का कहना है कि कोरोना ऐसे दिन दिखाएगा और ऐसा भी समय आएगा, यह सोचा नहीं था। चाहकर भी लोगों की मदद नहीं कर पा रहे हैं।

From around the web

>