पति दिहाड़ी मजदूर, पत्नी बनी बीजेपी विधायक, इन मुद्दों पर चुनाव लड़कर दर्ज की जीत

 

देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे रविवार को आ गये। बंगाल में ममता की पार्टी टीएमसी ने जबर्दस्त जीत दर्ज की है। वहीं जादुई आंकड़े का दावा करने वाली भाजपा दो सौ सीट तक भी नहीं पहुंच पाई लेकिन यहां भाजपा की एक महिला विधायक की जीत सुर्ख़ियों में है। यह महिला विधायक है बीजेपी की सालतोरा सीट से चुनाव लड़ने वाली चंदना बाउरी की। चंदना बाउरी ने टीएमसी के संदीप मंडल हराकर इस सीट पर कब्जा किया।

बीजेपी से जीती चंदना बाउरी की जीत इसलिए भी चर्चित हुई क्योंकि वो एक बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं और संपत्ति के नाम पर उनके पास एक मात्र झोपड़ी और कुछ पैसे हैं। चंदना बाउरी की जीत को लेकर भाजपा नेता सुनील देवधर ने ट्वीट कर जानकारी दी, उन्होंने लिखा- ‘चंदना बाउरी की अब तक की जमापूंजी कुल 31,985 रुपये है।’ उन्होंने आगे बताया कि ‘चंदना एक अनुसूचित जाति से आती हैं और एक झोपड़ी में रहती हैं, उनके पति दिहाड़ी मजदूर हैं और संपत्ति के नाम पर उनके पास सिर्फ तीन गाय और तीन बकरियां हैं।’

संपत्ति का ब्यौरा

चंदना बाउरी ने नामाकंन भरते समय चुनाव आयोग को को संपति के ब्यौरे का शपथ पत्र दिया है उसके मुताबिक उनके बैंक खाते में सिर्फ 6335 रुपये हैं। साथ में तीन गाय, तीन बकरी, एक झोपड़ी और बैंक में जमा नकद मिलाकर कुल 31,985 रुपये ही हैं। इस भाजपा की नई विधायक चंदना के घर में शौचालय भी नहीं है। बताया जाता है कि चंदना पार्टी के प्रति इतनी अधिक समर्पित हैं कि प्रचार के लिए वह हमेशा रोजाना कमल के प्रिंट वाली भगवा रंग की साड़ी पहनकर निकलती हैं।

मनरेगा में भी हैं पंजीकृत 

जानकारी के मुताबिक चंदना के पति सरबन दिहाड़ी मजदूर हैं। वह बतौर राजमिस्त्री का काम करते हैं। साथ ही यह दोनों पति और पत्नी मनरेगा में भी पंजीकृत मजदूर हैं। उनके तीन बच्चे भी हैं। चंदना पिछले सात-आठ साल से बीजेपी से जुड़ी हैं। चंदना गंगाजलघाटी के केलाई गांव स्थित अपने घर से हर दिन सुबह आठ बजे चुनाव प्रचार के लिए निकलती थीं। वह जनता से लोगों से महिला संबंधी अपराधों, गरीबी, शिक्षा और पीने के पानी जैसे मुद्दों पर बात करती थी और चुनाव जीतने के बाद उन्हें यह सब सुविधायें मुहैया कराने का आश्वासन देती थी।

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