जबलपुर में दोस्त ने शव नर्सरी में फेंका, पिता के साथ तलाश का नाटक करता रहा

 

जबलपुर में दोस्त ने ही युवक की गर्दन मरोड़ कर हत्या कर दी। शव को गांव से 400 मीटर दूर वन विभाग की नर्सरी में फेंक दिया। उधर, युवक के घर वाले लगातार अपने बेटे की तलाश करते रहे। आरोपी इस दौरान युवक के पिता के साथ मौजूद रहा। इस बीच पुलिस भी जांच पड़ताल में जुटी रही। पुलिस को जब युवक के दोस्त पर शक हुआ तो उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने जुर्म कबूल लिया और बताया कि शराब पीने के दौरान बहस हुई थी जिसके बाद उसने अपने दोस्त को मार डाला।

मझौली पुलिस के मुताबिक, गोरा-नेगई निवासी दिनेश कोल (22) मजदूरी करता था। परिवार का इकलौता बेटा था। अभी शादी नहीं हुई थी। रविवार 18 जुलाई की रात 8 बजे घर से निकला था। उसने थोड़ी देर में लौटने की बात कही थी। देर रात तक वह नहीं लौटा तो पिता बसोरीलाल परेशान हो गए। पूरे गांव में उसकी खोजबीन शुरू हो गई। गांव के आसपास लगे जंगल में भी तलाश की गई।

परिजनों ने खोज निकाला शव

19 जुलाई को जब दिनेश के पिता बसोरीलाल उसे खोजते हुए नर्सरी की ओर गए तो उन्हें दुर्गंध आई। इसके बाद वे नर्सरी में बनी खंडहरनुमा झोपड़ी में पहुंचे तो दिनेश की लाश बिना कपड़ों के पड़ी थी। शव सड़ हो चुका था। इसके बाद पिता के साथ मौजूद लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी।

घटनास्थल पर भी कई साक्ष्य मिले

युवक की हत्या की खबर मिलते ही इंद्राना और मझौली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में FSL टीम भी पहुंची। वन विभाग की झोपड़ी से लगभग 300 मीटर दूर तक घसीटे जाने के निशान मिले। युवक के गर्दन की हड्‌डी टूटी थी। शव देख ऐसा प्रतीत हो रहा था कि किसी ने गर्दन मरोड़ दी हो। शव नग्न हालत में मिलने के चलते पुलिस कुछ और ही मामला समझ रही थी।

गांव वालों के बयान ने आरोपी तक पहुंचाया

पुलिस ने गांव वालों से जानकारी ली तो पता चला कि आखिरी बार दिनेश को गांव के शेखू उर्फ शेखर और एक अन्य युवक के साथ देखा गया था। पुलिस ने दोनों संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मंगलवार रात भर चली पूछताछ में शेखू टूट गया। उसने हत्या की बात स्वीकार करते हुए जो खुलासा किया वह हैरान करने वाला था।

शराब पीने के दौरान हो गई थी बहस

आरोपी शेखू ने पुलिस को बताया कि रविवार रात दिनेश सिर्फ पैंट में उसके घर तक आया था। दोनों के घर की दूरी 100 मीटर है। शेखू के घर के बाहर ड्योढ़ी में दोनों कुछ देर तक बैठे थे। इसके बाद शराब पीने के लिए गांव के श्मशान की ओर बने वन विभाग की नर्सरी में चले गए। वहां दोनों ने बैठकर शराब पी। नशे में दोनों में बहस हो गई। शेखू शरीर से मजबूत है। उसने बाजू में दिनेश की गर्दन को फंसा कर मरोड़ दिया। थोड़ी देर में ही दिनेश की मौत हो गई। इसके बाद वह दिनेश के शव को वहीं छोड़कर घर चला गया।

पीड़ित परिवार के साथ दिनेश को ढूंढ़ता रहा आरोपी

आरोपी इतना शातिर था कि दिनेश के पिता बसोरीलाल के साथ मिलकर वह भी दिनेश को पूरी रात ढूंढता रहा। उसके साथ आखिरी बार देखे जाने के बारे में शेखर ने बसोरीलाल को बताया कि दिनेश तो चला गया था। सोमवार को पूरे दिन पीड़ित परिवार और गांव के लोग दिनेश को खोजते रहे। सोमवार की शाम को गांव की एक महिला वन विभाग की नर्सरी की ओर गई तो दूर से दिनेश के शव को देखा, हालांकि वह डर गई। गांव में एक-दो महिलाओं को बताया। इसके बाद पूरे गांव में इसकी जानकारी फैल गई।

मंगलवार तड़के लाश को घसीट कर खंडहर में छिपाया

शेखर के कानों तक भी ये बात पहुंची। वह परेशान हो गया। वह मंगलवार काे तड़के वन विभाग की नर्सरी पहुंचा। फिर दिनेश की पैंट को उतारा और पैर में पैंट को बांधकर घसीटते हुए खंडहर तक ले गया। वह सोच रहा था कि घटनास्थल से शव हटाने के बाद खंडहर तक कोई नहीं पहुंचेगा। पर शव से आ रही दुर्गंध ने उसकी पोल खोल दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतक का पैंट जब्त कर लिया है। टीआई प्रभात शुक्ला के मुताबिक, आरोपी शेखर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।

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