कोविड की बंदिशो से बैंड पार्टी का कारोबार हुआ चौपट भूखे मरने की आई नौबत !

 
कोविड-19 के संक्रमण और उसके चलते लागू हुई लॉकडाउन की बंदिशों ने शहर के शादी समारोह की रौनक बढ़ाने वाले बैंड और डिस्को लाइट वालों का कारोबार हुआ चौपट। विवाह समारोह पर लगी पाबंदी और लॉक डाउन की गाइडलाइन ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा है। बिलासपुर शहर में 50 से अधिक बैंड पार्टी वाले हैं. जिसमें से हर पार्टी में 200 से 300 कलाकार काम करते हैं और उनके परिवार के सदस्य लगभग 2 से 3 हज़ार होते है। इनके पास रोजी रोटी कमाने और परिवार का खर्चा चलाने का इसके अलावा और कोई साधन भी नहीं है। ये तो सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि लंबे लॉकडाउन और बैंड बाजा पर लगी पाबंदियों के कारण इनकी स्थिति क्या हो गई होगी। अहम बात तो ये है कि इस कारोबार से जुड़े इन लोगो की सिर्फ लगन सीजन के समय ही पूछ परख होती है तथा इसी सीजन में अर्जित धन से ही पूरे वर्ष इनके परिवार का पालन पोषण करते है 22 मार्च 2020 से ही इस कारोबार पर जैसे ग्रहण लग गया है।
और इसी सीजन में इस कारोबार पर लगी पाबंदियों से इनके हालात काफी दयनीय हो गए है, अभी तक कर्जा करके जैसे तैसे इतने दिन इन्होंने गुजारा किया परन्तु बात अब पेट तक आ पहुंची है, कारोबार चौपट होने से परिवार का पेट पालना मुश्किल हो गया है साथी ही भूखे मरने की नौबत आन खड़ी हो गई है। हताश हुए कारोबारियों ने आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव को ज्ञापन सौपते हुए अपनी परिस्तिथियो से अवगत कराया उन सभी की व्यवहारिक दिक्कतों को गंभीरतापूर्वक सुनने के बाद उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि मै हर सम्भव प्रयास करूंगा की आप लोगो के कारोबार को सुचारू रूप से कोरोना की गाइड लाइन के तहत शुरू करने शासन प्रशासन अनुमति प्रदान करे साथी ही उच्चस्तरीय चर्चा कर आप लोगो को शासन से अल्प अवधि हेतु लोन उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव रखूंगा जिससे आप सभी को शासन की पहल पर बैंकों से लोंन के माध्यम से कुछ राहत मिल सके।
बैंड पार्टी व्यापारी संघ ने ज्ञापन सौपते हुए मांग की है कि उन्हें रात 10 बजे तक बैंड बजाने और डिस्को लाइट के साथ संगीत देने की अनुमति दी जाए व 11 लोगो की कम से कम वाली बैंड पार्टी वर-वधू वालो के घर पर और शादी भवन स्थल पर बैंड बजा सके।
तथा उन्होंने ये विश्वास भी दिलाया कि हम कोविड नियमो का पूरा पालन करते हुए हम अपना कारोबार करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशसन से उन्हें ऐसी अनुमति मिल जाती है तो, वे सोशल डिस्टेंसिंग समेत सभी गाइड लाइन का पूरा-पूरा पालन करेंगे। जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर बिलासपुर से अनुमति मिलने पर ही उनके परिवार के सामने खड़ी भूखमरी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी।
वैसे यह पहला मौका नहीं है जब बैंड पार्टी वालों ने कलेक्टर, एसडीएम, विधयाक, से इस तरह की गुहार लगाई हो। इसके पहले भी एक बार कलेक्टर को उनके द्वारा आग्रह किया जा चुका है। लेकिन कोविड-19 के संक्रमण और उससे बचने के लिए लागू लॉक डाउन की गाइडलाइन से जिला प्रशासन के भी हाथ बंधे हुए हैं। सो, देखना यह होगा कि इस बार मुफलिसी से परेशान शहर के बैंड पार्टी वालों की हालत पर जिला प्रशासन का दिल पसीजता है अथवा नहीं?

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