विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस प्रतियोगिता में सम्मानित किए गए  बच्चे

 
विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस प्रतियोगिता में सम्मानित किए गए  बच्चे  विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग-सह-दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग एवं बुनियाद केंद्र बेगूसराय के संयुक्त तत्वावधान में दिव्यांग बच्चों तथा सामान्य बच्चों के लिए चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें एक सौ बच्चों ने हिस्सेदारी की तथा सभी प्रारूपों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। 

 विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग-सह-दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग एवं बुनियाद केंद्र बेगूसराय के संयुक्त तत्वावधान में दिव्यांग बच्चों तथा सामान्य बच्चों के लिए चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें एक सौ बच्चों ने हिस्सेदारी की तथा सभी प्रारूपों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। 

सामाजिक सुरक्षा-सह-दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के सहायक निदेशक भुवन कुमार ने बताया कि वैश्विक स्तर पर दो अप्रैल को ऑटिज्म जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का मुख्य उद्येश्य आमजनों को इस विकार के कारणों एवं उसके इलाजों के संबंध में जानकारी प्रदान करने के साथ ही लोगों में ऑटिज्म प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता का विस्तार करना है। उन्होंने बताया कि ऑटिज्म को एक प्रकार का मानसिक विकार माना गया है। इससे प्रभावित बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास सामान्य बच्चों की तुलना में धीमा होता है। इस कारण से ऐसे बच्चों को देखने, बोलने एवं समझने में कठिनाई अनुभव होती है। चिकित्सीय अनुसंधानों में यह प्रकाश में आया है कि गर्भावस्था के दौरान मां में थॉयराइड का असंतुलन, नवजात के अपर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति, मां को अपर्याप्त पोषण मिलने के कारण शिशु में इस विकार हो सकता है। ऐसे बच्चों के स्वास्थ्य स्थितियों में बिहेवेरियल थेरेपी, मेडिकेशन थेरेपी, स्पीच थेरेपी, प्ले-थेरेपी, एजुकेशनल लर्निंग प्रोग्राम आदि के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

सहायक निदेशक ने बताया कि बुनियाद केंद्रों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में शामिल प्रतिभागियों में से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वालों में से ही तीन सर्वेश्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन करते हुए उनकी अनुशंसा राज्य स्तर पर आयोजित समारोह में पुरस्कार के लिए भी किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 44 बच्चों को बुनियाद केंद्र मटिहानी में मो. छोटू, अफसाना, मो. चांद, मनसुख, कृष्णा, तमजीद आलम, निधि, स्वाति एवं हर्षित, बुनियाद केंद्र तेघड़ा में हैप्पी, युवराज, परिधि, शालू, मो. कैफ, हिमांशु, साक्षी, बादल एवं आदर्श, बुनियाद केंद्र चेरिया बरियारपुर में लक्ष्मण, कृष्णा, तन्नु, साक्षी, सौरव, किरण, प्रियांशु एवं प्राची, बुनियाद केंद्र बखरी में तलत प्रवीण, सौखेया खातुन, सरस्वती, आदित्य, प्रतिमा, रूबी, आदित्य, राजा एवं मोनू तथा बुनियाद केंद्र बलिया में रागिनी, हेमा, रौशन, नेहा, रौशन, रवीना, ऋषभ, हिमांशु एवं आयुष को सम्मानित किया गया।

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