कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू की लड़ाई लंबी चलेगी

 

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नए नवेले अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच शीतयुद्ध खत्म होने के बजाय तेज हो गया है। मंगलवार को नवजोत सिंह सिद्धू के मामले में पहली बार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा कि जब तक सिद्धू माफी नहीं मांगते, तब तक वह नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात नहीं करेंगे।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस बयान के बाद पंजाब के कांग्रेस में महाभारत होनी तय है। पंजाब कांग्रेस में अंतरकलह को दूर करने के लिए जुटे कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की इच्छा के विपरीत नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाकर नए विवाद को जन्म दे दिया है।

नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाए जाने के तीसरे दिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार की ओर से दी गई जानकारी में सामने आया कि नवजोत सिंह सिद्धू ने मुलाकात के लिए अभी तक समय नहीं मांगा है, नवजोत सिंह सिद्धू के द्वारा मुख्यमंत्री से समय मांगने की खबरें बिल्कुल निराधार और गलत हैं, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के स्टैंड में अभी तक कोई बदलाव नहीं आया है और वह नवजोत सिंह सिद्धू से तब तक नहीं मिलेंगे, जब तक उनके ऊपर किए गए निजी हमले की पोस्ट को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी में पिछले 3 महीने तक चली कसमकस के बाद कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का विरोध दरकिनार कर नवजोत सिंह सिद्धू को अध्यक्ष और इसके साथ ही 4 कार्यकारी अध्यक्ष बना दिए हैं।

दूसरी तरफ नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को जालंधर, नवांशहर और अमृतसर पहुंचकर कांग्रेस के नेताओं- कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। नवांशहर में उनको किसानों ने काले झंडे दिखाए। यहां किसान कृषि कानूनों पर उनका पक्ष जानने के लिए उनको रोकना चाहते थे, किंतु नवजोत सिंह सिद्धू नहीं रुके।

इसके बीच नवजोत सिंह सिद्धू शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खट्टरकला पहुंचे, वहां उन्होंने शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी। नवजोत सिंह सिद्धू ने शहीद भगत सिंह स्मारक पर माथा टेकने के बाद यहां एक जनसभा को भी संबोधित किया। हालांकि, इस इसी दौरान उनके दाहिने पैर के अंगूठे में चोट लगी और खून बहने लगा।

इसके बाद उन्होंने प्राथमिक उपचार करवाया। जनसभा में नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पार्टी नेतृत्व में 18 बिंदुओं वाला कार्यक्रम निश्चित किया है और पंजाब में एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी। कांग्रेस आलाकमान के दिशा निर्देश के मुताबिक वह कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे।

दूसरी तरफ नवजोत सिंह सिद्धू की अध्यक्ष पद पर ताजपोशी और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की नाराजगी बरकरार है। सिद्धू को अध्यक्ष बनाए जाने के तीसरे दिन भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस आलाकमान के फैसले का स्वागत नहीं किया है, इसके साथ ही उन्होंने सिद्धू को बधाई भी नहीं दी है।

इधर, कैप्टन अमरिंदर सिंह के कैबिनेट मिनिस्टर ब्रह्मा मोहिंद्रा ने कहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का प्रधान बनाने के फैसले का वह स्वागत करते हैं, किंतु उनसे तब तक नहीं मिलेंगे, जब तक सिद्धू मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपने मतभेद दूर नहीं कर लेते हैं। मतलब साफ है, वर्तमान हालात में कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच का शीतयुद्ध खत्म होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।

सियासी जानकारों का मानना है कि नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद अब 2022 में चुनाव परिणाम के उपरांत खुद को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने की ताबड़तोड़ तरीके से लॉबिंग शुरू कर चुके हैं, तो इसी का सहज रूप से अंदाजा कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी है और यही कारण है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह अभी कांग्रेस आलाकमान के यहां से 2022 में खुद को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करवाने और इसके साथ ही नवजोत सिंह सिद्धू से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग कर रहे हैं।

ऐसे में नवजोत सिंह सिद्धू यदि कैप्टन अमरिंदर सिंह से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं तो इसका मतलब साफ है कि नवजोत सिंह सिद्धू पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बुरा बर्ताव कर चुके हैं और इसी पूरे बर्ताव को सार्वजनिक रूप से कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस आलाकमान की नजर में लाना चाहते हैं।

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