रायपुर के मेकाहारा में 2 साल से धूल खा रही 18 करोड़ की पेट स्कैनर मशीन

 

कोरोना संक्रमण के बीच जद्दोजहद करने के कई मामलों को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिकाएं दायर हैं। ऐसे में रायपुर के मेकाहारा (डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल) में पर्दे में दो सालों से ढंकी 18 करोड़ की पेट स्कैनर मशीन को लेकर याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि इस मशीन का उपयोग कोविड मरीजों के लिए किया जाए। कोर्ट ने इस मामले में सरकार से दो दिन में जवाब मांगा है।

रायपुर निवासी सुमित अटवानी ने अधिवक्ता अभ्युदय सिंह के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए फरवरी 2019 में अस्पताल की कैंसर यूनिट में पेट स्कैनर मशीन का पूरा सेटअप तैयार किया गया था। इसके बाद से लेकर आज तक इसका कोई उपयोग कैंसर के मरीजों के लिए नहीं हुआ। अब न ही इसका इस्तेमाल कोविड मरीजों को सुविधा देने के लिए किया जा रहा है।

रायपुर में 8 CT स्कैनर मशीन, कैंसर यूनिट में लगी मशीन का उपयोग हो
हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में दायर याचिका में मशीन का उपयोग CT स्कैन की तरह कोविड पेशेंट के लिए किए जाने की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि पूरे रायपुर में केवल 8 ही CT स्कैनर मशीन है। इस मशीन की कमी को देखते हुए पेट स्कैनर मशीन का उपयोग किया जा सकता है। मामले की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने शासन से जवाब मांगा है। इसकी अगली सुनवाई शुक्रवार हो होगी।

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