Rebels go Raj Thackeray राज ठाकरे के साथ जा सकते हैं बागी

नई दिल्ली/गुवाहाटी। अलग गुट कर बना कर उसकी मान्यता प्राप्त करने में आ रही कानूनी अड़चनों को देखते हुए शिव सेना के बागी विधायकों का गुट अपनी रणनीति बदल सकता है। बताया जा रहा है कि बागी विधायकों का समूह राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना में शामिल हो सकता है। इसके लिए उन्होंने शिव सेना के कुल विधायकों की संख्या के दो-तिहाई के बराबर संख्या की जरूरत है, जो उनके पास है। अलग गुट की मान्यता के लिए उन्होंने पार्टी संगठन को भी साथ लेना होगा, जो अभी उनके साथ नहीं है।

बहरहाल, बताया जा रहा है कि इस सिलसिले में राज ठाकरे से बागी विधायकों की बात हुई है। एकनाथ शिंदे ने सेहत का हालचाल पूछने के लिए राज ठाकरे को फोन किया था। एक खबर के मुताबिक दोनों के बीच अलग अलग समय में तीन बार बात हुई है। अगर ऐसा होता है कि शिव सेना के बागी विधायक अयोग्यता संबंधी पचड़ों से बच जाएंगे और उनको ठाकरे उपनाम का एक नेता भी मिल जाएगा। इस बीच सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के आवास पर भाजपा कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें आगे की रणनीति बनाई गई।

दूसरी ओर महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापठक के बीच कई जगह शिव सैनिकों ने प्रदर्शन किया। सोमवार को शिव सैनिकों ने गोंदिया के निर्दलीय विधायक विनोद अग्रवाल का ऑफिस तोड़ दिया। उधर, पुणे में शिव सैनिकों ने बागी विधायकों के पुतले का जुलूस निकाला और श्मशान ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया। इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए गुवाहाटी में मौजूद शिंदे गुट ने कानून व्यवस्था का सवाल उठाया और उद्धव ठाकरे से इस्तीफा मांगा।