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RBI Hikes Repo Rate: रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.50% बढ़ा दिया, लोन लेना और चुकाना और महंगा हो गया

RBI Hikes Repo Rate: भारतीय रिजर्व बैंक ने फिर से Repo Rate में इजाफा कर दिया है. इस बार रिजर्व बैंक ने 0.50% की वृद्धि की है. इसी के साथ एक बार फिर से बैंको से लोन लेना और चुकाना महंगा हो गया है. बता दें कि RBI ने एक साल के भीतर तीसरी बार रेपो रेट में इजाफा किया है. RBI का मानना है की लोन महंगा करके वो देश से महंगाई कम कर देगा। हालांकि सरकारी आंकड़ों में रेपो रेट बढ़ाने से इन्फ्लेशन रेट तो कम हो जाता है लेकिन आम आदमी की जेब और ढीली होती है. महंगाई कम होती है लेकिन सिर्फ सरकार और RBI के लिए. 

New Repo Rate: RBI ने रेपो रेट में 0.50% की वृद्धि कर दी है, इसी के साथ अब नया रेपो रेट 5.40% हो गया है. इसका मतलब अब किसी भी प्रकार का लोन लेना आपके लिए महंगा हो गया है. ना सिर्फ लोन लेना बल्कि उसकी EMI चुकाना भी महंगा हो गया है. 

एक साल में तीन बार रेपो रेट में हुई है वृद्धि

आरबीआई ने मई में Repo Rate 4% से बढाकर 4.40% किया था और जून में इसे 0.50% बढाकर 4.90% कर दिया था. अब सितम्बर में फिर से इसे 0.50% बढाकर Repo Rate 5.40% कर दिया गया है  लेकिन यह तय माना जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट को 4% से 4.40%, और 4.90% के बाद इसे बढाकर 5.90% भी कर सकता है. मतलब एक साल के भीतर 1.90% की वृद्धि हो सकती है. 

रेपो रेट बढ़ाने से महंगाई कैसे कम होती है

How Inflation Decreases By Increasing Repo Rate: सवाल लाजमी है, आखिर लोन महंगा करके देश से महंगाई कैसे कम होती है? क्या रेपो रेट बढाकर महंगाई को कैसे कम किया जाता है? इसका सीधा जवाब ये है- जब लोन महंगा हो जाएगा तो ग्राहक किसी भी कार, घर, जमीन, मोबाइल, या किसी भी चीज़ को खरीदने के लिए लोन नहीं लेगा, और ना ही उसे खरीद पाएगा। जब डिमांड कम हो जाएगी तो सप्लाई बढ़ जाएगी और सप्लाई बढ़ने के बाद भी डिमांड नहीं हुई तो उत्पादों की कीमत अपने आप कम हो जाएगी।

रेपो रेट बढ़ने से क्या होता है 

रेपो रेट वह इंटरेस्ट रेट होता है जो RBI बैंकों में लगाता है, बैंक आपको लोन देने के लिए RBI से पैसे उधार लेते हैं. RBI बैंकों को दिए लोन में रेपो रेट लगाता है. मई से लेकर अबतक 1.40% तक रेपो रेट में बढ़त की है. इसी के साथ बैंक भी लोन पर अपना ब्याज बढ़ा देते हैं. इसमें फायदा सिर्फ बैंक और RBI को होता है. लोन लेने वाले ग्राहक को तो और महंगा लोन मिलने लगता है. हां लेकिन जो लोग FD में इन्वेस्ट करते हैं उन्हें मिलने वाला इंटरेस्ट रेट बढ़ जाता है।  

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